Publish Date: Sun, 29 Mar 2026 (18:06 IST)
Updated Date: Sun, 29 Mar 2026 (20:02 IST)
Indian LPG ships have crossed Strait of Hormuz : वेस्ट एशिया महायुद्ध के बीच भारत के लिए एक बहुत बड़ी और राहत वाली खबर आई है। देश में एलपीजी गैस की कोई किल्लत नहीं होगी। 2 और भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर युद्ध प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल चुके हैं और अगले कुछ दिन में इनके भारतीय तटों पर पहुंचने की उम्मीद है। 2 एलपीजी जहाज बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम, जो लगभग 94000 टन का एलपीजी कार्गो ले जा रहे हैं। अब ये तेजी से भारतीय तटों की तरफ बढ़ रहे हैं। बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, बीडब्ल्यू टीवाईआर मुंबई की ओर बढ़ रहा है और इसके 31 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है, जबकि बीडब्ल्यू ईएलएम न्यू मैंगलोर के रास्ते में है और इसके 1 अप्रैल को पहुंचने की उम्मीद है।
टैंकर में लगभग 94000 टन है एलपीजी
वेस्ट एशिया महायुद्ध के बीच भारत के लिए एक बहुत बड़ी और राहत वाली खबर आई है। देश में एलपीजी गैस की कोई किल्लत नहीं होगी। 2 और भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर युद्ध प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल चुके हैं और अगले कुछ दिन में इनके भारतीय तटों पर पहुंचने की उम्मीद है। इन जहाज पर देश के लगभग एक दिन के इस्तेमाल का रसोई गैस का भंडार है। 2 एलपीजी जहाज बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम, जो लगभग 94000 टन का एलपीजी कार्गो ले जा रहे हैं।
31 मार्च और 1 अप्रैल को पहुंचने की उम्मीद
ये दोनों एलपीजी कैरियर युद्ध वाले खतरनाक क्षेत्र से बिल्कुल सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। अब ये तेजी से भारतीय तटों की तरफ बढ़ रहे हैं। बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, बीडब्ल्यू टीवाईआर मुंबई की ओर बढ़ रहा है और इसके 31 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है, जबकि बीडब्ल्यू ईएलएम न्यू मैंगलोर के रास्ते में है और इसके 1 अप्रैल को पहुंचने की उम्मीद है।
भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है मंत्रालय
बंदरगाह और नौवहन मंत्रालय, नाविकों के कल्याण और समुद्री संचालन में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय मिशन और पोस्ट इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।
इससे पहले आ चुके हैं ये 4 LPG टैंकर
ईरान ने कई मौकों पर कहा है कि 'जो जहाज़ दुश्मन देश के नहीं हैं, वे इस जलमार्ग से गुज़र सकते हैं, बशर्ते वे ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें। इससे पहले अब तक 4 LPG टैंकर (शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत) वहां से निकल चुके हैं।
करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस आयात करता है भारत
भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस जरूरत आयात से पूरी करता है। देश में पिछले साल 33.15 मिलियन टन एलपीजी की खपत हुई। इसमें से करीब 90 प्रतिशत गैस पश्चिम एशिया से आती है। इसी बीच सरकार ने भी साफ कहा है कि देश में गैस और ईंधन की कमी नहीं है और लोगों को घबराकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए। एलपीजी संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के रास्ते दुनिया के 20 फीसदी तेल की सप्लाई होती है। कहा जा रहा है कि ईरान के लगभग 80-90 फीसदी कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप से होता है।
Edited By : Chetan Gour
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Sun, 29 Mar 2026 (18:06 IST)
Updated Date: Sun, 29 Mar 2026 (20:02 IST)