मौत के मुहाने पर खड़ा था 'टायसन', पर पीछे नहीं हटा; किश्तवाड़ में आतंकियों का काल बना 2 पैरा का यह जांबाज
किश्तवाड़ एनकाउंटर: आतंकियों का काल बना 2 पैरा का जांबाज जर्मन शेफर्ड 'टायसन, जानें अब कैसी है सेना के 'वॉर हीरो' की हालत
Publish Date: Mon, 23 Feb 2026 (13:05 IST)
Updated Date: Mon, 23 Feb 2026 (13:09 IST)
किश्तवाड़: जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ों और संकरी गुफाओं में जब मौत छिपी बैठी थी, तब भारतीय सेना के जांबाज 'टायसन' ने वह कर दिखाया जिसे सुनकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। जैश-ए-मोहम्मद के तीन खूंखार आतंकियों को ढेर करने वाले इस ऑपरेशन का असली नायक कोई इंसान नहीं, बल्कि सेना की 2 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) का बहादुर जर्मन शेफर्ड 'टायसन' है।
जब काल बनकर गुफा में घुसा टायसन
छत्रू के घने जंगलों में आतंकी एक ऐसी प्राकृतिक गुफा में छिपे थे, जहां सुरक्षाबलों के लिए सीधा घुसना जानलेवा हो सकता था। यहीं टायसन की भूमिका शुरू हुई। अपनी ट्रेनिंग और सूंघने की अद्भुत शक्ति के दम पर टायसन ने आतंकियों की सटीक लोकेशन ट्रैक की। जैसे ही वह संकरे रास्ते से गुफा के अंदर दाखिल हुआ, आतंकियों ने घबराहट में फायरिंग शुरू कर दी।
"टायसन के पैर में गोली लगी, खून बह रहा था, लेकिन उसकी निष्ठा अडिग थी। उसने पीछे हटने के बजाय आतंकियों को उलझाए रखा, जिससे सेना को घेराबंदी करने का कीमती समय मिल गया।"
सैफुल्लाह का अंत और टायसन की रिकवरी
इस मुठभेड़ में मारा गया आतंकी सैफुल्लाह पिछले दो सालों से सेना की आंखों में धूल झोंक रहा था। लेकिन टायसन की बहादुरी ने उसका खेल खत्म कर दिया। ऑपरेशन के बाद घायल टायसन को तुरंत एयरलिफ्ट किया गया। सेना के सूत्रों के अनुसार, टायसन की सर्जरी सफल रही है और वह रिकवरी की राह पर है। पूरे देश से लोग इस मूक योद्धा की सलामती की दुआएं मांग रहे हैं।
फैंटम की यादें हुईं ताजा: सेना के डॉग स्क्वॉड का गौरवशाली इतिहास
टायसन की इस बहादुरी ने अक्टूबर 2024 में शहीद हुए 'फैंटम' की यादें ताजा कर दी हैं। फैंटम ने भी आतंकियों से लोहा लेते हुए अपने हैंडलर की जान बचाई थी और सर्वोच्च बलिदान दिया था। भारतीय सेना का डॉग स्क्वॉड केवल 'सहायक' नहीं, बल्कि 'ऑपरेशनल कमांडर' की तरह फ्रंटलाइन पर लड़ रहा है।
ऑपरेशन त्राशी-1: आतंकियों के लिए काल बना किश्तवाड़
जनवरी से जारी 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत किश्तवाड़ के जंगलों को आतंकियों से मुक्त करने का अभियान अब अंतिम चरण में है। टायसन जैसे योद्धाओं की बदौलत अब ये दुर्गम इलाके आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहे।
Edited By: Naveen R Rangiyal