Publish Date: Sun, 01 Mar 2026 (10:36 IST)
Updated Date: Sun, 01 Mar 2026 (10:43 IST)
मीडिल ईस्ट में बढ़ता यह तनाव भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ये खबर एक बड़े खतरे की घंटी है। मिडिल ईस्ट में तनाव का असर सीधे तेल और सामान की महंगाई पर पड़ता है। भारत जैसे देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं, वहां महंगाई का एक नया दौर शुरू हो सकता है। सोमवार को जब दलाल स्ट्रीट खुलेगी, तो सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। ईरान और इजराइल के बीच शुरू हुई जंग का असर भारत के तेल, व्यापार, शेयर बाजार और सोना-चांदी की कीमतों पर दिख सकता है।
होर्मुज रूट बंद हुआ तो 10% एक्सपोर्ट भी खतरे में
अगर दोनों देशों के बीच युद्ध और बढ़ता है तो होर्मुज स्ट्रेट बंद हो सकता है। इससे भारत को हर महीने होने वाली तेल सप्लाई का आधा हिस्सा खतरे में पड़ जाएगा। इसके अतिरिक्त भारत का नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट भी प्रभावित हो सकता है। इसका 10% से ज्यादा हिस्सा इस क्षेत्र से सप्लाई होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंग बढ़ने से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।
शेयर बाजार पर भी होगा असर
तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ती है और इसका असर शेयर बाजार पर भी पड़ेगा। शनिवार को ही क्रूड ऑइल की कीमतें रॉकेट की तरह 73 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं। विशेषज्ञों का डर है कि अगर ईरान ने दुनिया की जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया गया तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें दुनियाभर में आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएंगी। निवेशक सहमे हुए हैं और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में गोल्ड रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर भाग रहा है। Edited by : Sudhir Sharma