G RAM G bill has become law : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने MGNREGA की जगह विकसित भारत, रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-G RAM G) विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही बिल ने अब कानून का रूप ले लिया और पूर्व की मनरेगा योजना अब इतिहास बन गई। संसद ने गुरुवार 18 दिसंबर को विपक्ष के विरोध के बीच विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025 को पारित कर दिया था।
खबरों के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) विधेयक, 2025 को आज अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है, जो ग्रामीण रोज़गार नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके साथ ही बिल ने अब कानून का रूप ले लिया और पूर्व की मनरेगा योजना अब इतिहास बन गई। संसद ने गुरुवार 18 दिसंबर को विपक्ष के विरोध के बीच विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025 को पारित कर दिया था।
यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए प्रति वित्तीय वर्ष मज़दूरी रोज़गार की वैधानिक गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाता है और सशक्तिकरण, समावेशी विकास, योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेस) तथा परिपूर्ण (सेचूरेशन) तरीके से सेवा–प्रदाय को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है, जिससे समृद्ध, सक्षम और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की नींव मजबूत होती है।
सरकार इसे ग्रामीण जीवन को मजबूत आधार देने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है। सरकार का कहना है कि वीबी-जी राम जी कानून लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कानूनी गारंटी पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगी। इसका सीधा उद्देश्य गांवों में रहने वाले श्रमिकों, किसानों और भूमिहीन परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देना है।
राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद नया कानून बन गया है। यह साफ किया गया है कि कानून लागू होने के बाद राज्यों को 6 महीने के भीतर नई व्यवस्था तैयार करनी होगी। इस दौरान राज्यों को पुराने सिस्टम की जगह नया पंजीकरण और पहचान तंत्र लागू करना होगा, जो पूरी तरह डिजिटल और बायोमेट्रिक आधारित होगा।
Edited By : Chetan Gour