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क्या ममता बंगाल में चौथी बार बना रही हैं सरकार? भाजपा का दावा कितना मजबूत, जानिए ताजा पोल के रिजल्ट

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bengal election opinion poll
west bengal assembly election 2026: पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी? 2026 के महासंग्राम से पहले 'वोट ट्रैकर' के पहले ओपिनियन पोल ने बंगाल की राजनीतिक फिजाओं में हलचल मचा दी है। क्या मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर 'प्रचंड जीत' हासिल कर रही हैं या बंगाल में पहली बार भाजपा के 'कमल' के खिलने की बारी है। पोल के आंकड़े कुछ ऐसी कहानी बयां कर रहे हैं, जिसे देखकर राजनीतिक पंडित भी हैरान हैं।

एक बार फिर टीएमसी को बढ़त

ओपिनियन पोल के मुताबिक, बंगाल में एक बार फिर 'खेला' होता दिख रहा है। टीएमसी न सिर्फ सत्ता में वापसी कर रही है, बल्कि 184 से 194 सीटें जीतकर विपक्ष का सूपड़ा साफ करती नजर आ रही है। वहीं, 200 पार का नारा देने वाली भाजपा 98 से 108 सीटों पर सिमटती दिख रही है। अन्य के खाते में महज 1 से 3 सीटें जाने का अनुमान है। बंगाल में टीएमसी और भाजपा के अलावा कांग्रेस और वामपंथी दल भी हैं। 

मुख्‍यमंत्री पद की दौड़ में कौन आगे?

ओपिनियन पोल के मुताबिक मुख्‍यमंत्री पद के लिए लोगों की पहली पसंद दीदी यानी ममता बनर्जी ही हैं। ममता 48.5 प्रतिशत लोगों की मुख्‍यमंत्री के रूप में पहली पसंद हैं। जबकि, किसी समय ममता के सहयोगी रहे शुभेन्दु अधिकारी (अब भाजपा में) को 33.4 फीसदी लोग मुख्‍यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। सीपीआई के मोहम्मद सलीम 4.3% और कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी 3.7 फीसदी लोगों की पसंद हैं। 

किसको कितने वोट? 

ओपिनियन पोल के मुताबिक 19.9% लोगों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को आपसी कलह और गुटबाजी का नुकसान झेलना पड़ेगा। साथ ही भाजपा के पास ममता बनर्जी के कद का कोई करिश्माई नेता नहीं है। जहां तक वोट शेयरिंग का मामला है, टीएमसी को 41.9 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, जबकि भाजपा को 34.9 फीसदी वोट मिल सकते हैं। वोट के मामले में भी भाजपा तृणमूल से पीछे दिखाई दे रही है। हालांकि 8 फीसदी के लगभग ऐसे भी लोग हैं, जिनका कहना है कि अभी उन्होंने तय नहीं किया है कि वे किस वोट देंगे। 

क्या ममता का यह दांव चलेगा?

ममता बनर्जी ने अपने 74 वर्तमान विधायकों को टिकट काटे हैं। उन्होंने इस सीटों पर नए चेहरों पर दांव लगाया है।हालांकि 36.5 फीसदी मतदाताओं का मानना है कि वे मौजूद विधायकों के पक्ष में वोट दे सकते हैं, जबकि 21.5 फीसदी का मानना है कि वे मौजूदा विधायक को वोट नहीं देंगे, लेकिन पार्टी के दूसरे उम्मीदवार को वोट देंगे। 20 फीसदी से ज्यादा लोगों का मानना है कि इस बात की संभावना काफी कम है कि वे किसी दूसरी पार्टी के उम्मीदवार को वोट देंगे। क्या होंगे प्रमुख चुनावी मुद्दे?

हर चुनाव की तरह बंगाल में बेरोजगारी सबसे मुद्दा रहेगा। 37 फीसदी से ज्यादा बंगाली मतदाता बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा मानता है। राज्य के 15.9 प्रतिशत महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा मानते हैं। 10-10 फीसदी से ज्यादा लोग महंगाई और भ्रष्टाचार को भी चुनावी मुद्दा मानते हैं। 

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में ममता बनर्जी की पार्टी के करीब 213 सीटें हैं, जबकि भाजपा के विधायकों की संख्‍या 77 है। इस लिहाज से ममता की सीटें तो घट सकती हैं, लेकिन उनका आंकड़ा बहुमत (148) से बहुत ज्यादा रहेगा। बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में मतदान होना है, जिसके नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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