Publish Date: Sun, 05 Apr 2026 (09:51 IST)
Updated Date: Sun, 05 Apr 2026 (09:56 IST)
उत्तर और मध्य भारत में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली, जहां आसमान में एक तरह का एटमॉस्फेरिक टग ऑफ वॉर देखने को मिला। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में इसका असर और बढ़ सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, एक शक्तिशाली Western Disturbance ने अप्रैल की सामान्य गर्मी को पीछे धकेल दिया है और उसकी जगह तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है।
राजधानी दिल्ली में शनिवार को दिन में ही अंधेरा छा गया और ठंड जैसा मौसम देखने को मिला। IMD ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जहां करीब 1000 किलोमीटर लंबा बादलों का घना पट्टा छाया रहा।
असमय बारिश की वजह क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका मुख्य कारण एक बेहद सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है, जो भूमध्यसागर क्षेत्र से नमी लेकर भारत की ओर बढ़ता है। जब यह सिस्टम मैदानी इलाकों की गर्म हवा से टकराता है, तो प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो जाती हैं। इससे आसमान में ऊंचे क्यूम्युलोनिंबस बादल बनते हैं, जो अचानक तेज बारिश, आंधी और ओले गिरने का कारण बनते हैं।
रविवार को किन इलाकों में खतरा?
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में शनिवार को इसका असर चरम पर रहा, लेकिन अब यह सिस्टम देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। रविवार को झांसी, ग्वालियर और उत्तर मध्यप्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी और थंडरस्क्वॉल (तेज झोंकेदार हवाएं) का खतरा है। हवाओं की रफ्तार 60-70 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
अप्रैल में ओले क्यों गिर रहे हैं?
इन तेज तूफानों के दौरान बादलों के अंदर उठने वाली ठंडी हवाएं पानी की बूंदों को ऊपर ले जाकर बर्फ में बदल देती हैं। ये बर्फ के कण बार-बार ऊपर-नीचे होते हुए बड़े ओलों का रूप ले लेते हैं और जमीन पर गिरते हैं। बारिश से तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट जरूर आती है, लेकिन ओलावृष्टि किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है।
राजस्थान और हरियाणा में पहले ही फसलों को भारी नुकसान हुआ है। रविवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी फसलों पर खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। Edited by : Sudhir Sharma