रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को ऐलान किया कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी-कोलकाता मार्ग पर चलाई जाएगी। देश में चल रही पिछली वंदे भारत ट्रेनों में चेयर सीट थी, जिससे लोग केवल बैठकर ही सफर कर सकते थे, लेकिन अब भारतीय रेलवे वंदे भारत की नई ट्रेनों में स्लीपर कोच भी लेकर आ रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले दिनों में इस सेवा का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि सफल ट्रायल और परीक्षणों की श्रृंखला के बाद यह महत्वपूर्ण शुरुआत की जा रही है, जिससे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच रात की यात्रा के विकल्प और बेहतर होंगे। मीडिया खबरों के मुताबिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जनवरी में ही शुरू हो जाएगी।
वैष्णव ने कहा कि ये सेवाएं अगले 15-20 दिनों में, संभवतः 18 या 19 जनवरी के आसपास चालू हो जाएंगी। हमने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है और सब कुछ स्पष्ट है। मैं अगले दो-तीन दिनों में सटीक तारीख की घोषणा करूंगा।
रेल मंत्री ने कहा कि यह नई सेवा कारोबारियों के साथ-साथ परिवारों, छात्रों और पर्यटकों के लिए भी फायदेमंद होगी, जो दोनों प्रमुख शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद रात्रिकालीन यात्रा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परीक्षण और प्रमाणन पूरा हो चुका है और इसका पहला प्रस्तावित रूट गुवाहाटी-कोलकाता तय किया गया है।
16 कोच, 823 यात्रियों की क्षमता
वैष्णव ने कहा कि यह एक बड़ी उपलब्धि है। वंदे भारत स्लीपर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा और लंबी दूरी की रात की यात्राओं के लिए आधुनिक अनुभव प्रदान करेगी। इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थ्री-टियर एसी, 4 टू-टियर एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं। ट्रेन की कुल यात्री क्षमता 823 होगी-थ्री-एसी में 611, टू-एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 यात्री सफर कर सकेंगे।
कितना रहेगा किराया
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में थ्री-एसी का किराया भोजन सहित लगभग 2,300 रुपए होगा। टू-एसी का किराया करीब 3,000 रुपए और फर्स्ट एसी का किराया लगभग 3,600 रुपए तय किया गया है। ट्रेन में यात्रियों को कई एडवांस सुविधाएं मिलेंगी। इनमें बेहतर कुशनिंग वाले एर्गोनॉमिक बर्थ, वेस्टिब्यूल के साथ ऑटोमैटिक दरवाजे, बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करने की तकनीक शामिल है, जिससे यात्रा अधिक आरामदायक होगी।
कैसी है ट्रेन की सेफ्टी, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम
ट्रेन के डिजाइन में सुरक्षा और सुविधा पर विशेष जोर दिया गया है। विशाल इंटीरियर, आधुनिक लाइटिंग और उपयोगकर्ता-अनुकूल सुविधाएं इसे देश में रात्रिकालीन ट्रेन यात्रा का नया मानक बनाने की दिशा में कदम मानी जा रही हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम लगाया गया है।
कोचों में उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए डिसइंफेक्टेंट तकनीक का उपयोग किया गया है। लोको पायलट के केबिन में भी उन्नत कंट्रोल और सुरक्षा प्रणालियां दी गई हैं। इसके साथ ही ट्रेन में एयरोडायनामिक एक्सटीरियर डिजाइन और ऑटोमैटिक बाहरी यात्री दरवाजे भी होंगे, जो इसे तकनीकी रूप से और अधिक आधुनिक बनाते हैं। Edited by : Sudhir Sharma