EPFO minimum pension limit: क्या केन्द्र सरकार भविष्य निधि (EPFO) सदस्यों की पेंशन सीमा 1000 से बढ़ाकर 7500 कर सकती है। माना जा रहा है कि सरकार बजट सत्र में या फिर अप्रैल 2026 में इस संबंध में कोई फैसला ले सकती है। दरअसल, इस समय पेंशनर्स को सिर्फ 1000 रुपए प्रतिमाह ही मिल रहे हैं। इतनी कम राशि में किसी भी व्यक्ति के लिए गुजारा करना नामुमकिन है। पेंशनर्स लंबे समय से मासिक पेंशन 7500 रुपए और महंगाई भत्ते की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
कितने लोगों को मिल रही है EPS-95 पेंशन
ईपीएफओ पेंशनर्स की संख्या 78,49,338 (लगभग 78.5 लाख) है, जबकि सदस्यों की संख्या 7 करोड़ से अधिक है। हाल ही में EPS-95 पेंशनर्स एसोसिएशन ने सरकार से न्यूनतम पेंशन 7500 रुपए, महंगाई भत्ता और चिकित्सा सेवा की तत्काल घोषणा करने की मांग की है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष शर्मा और महासचिव अरुण वर्मा ने मांगें पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
क्या है EPFO पेंशन का गणित
मार्च 2025 के आंकड़ों के अनुसार, कुल पेंशनर्स में से केवल 0.65% (लगभग 53,541) लोग ही ऐसे हैं जिन्हें 6000 प्रति माह से अधिक पेंशन मिल रही है। EPS-95 योजना के तहत, केंद्र सरकार 15000 तक के वेतन पर 1.16% का बजटीय सहयोग देती है। कर्मचारी पेंशन योजना के तहत योगदान के लिए 15000 प्रति माह की वैधानिक वेतन सीमा निर्धारित है। भले ही आपका वास्तविक वेतन 50,000 हो, लेकिन पेंशन फंड (EPS) में योगदान केवल 15000 का 8.33 प्रतिशत (यानी 1250 प्रति माह) पर ही गिना जाता है। इसके साथ ही वर्तमान में अधिकतम मासिक पेंशन 7500 रुपए (अधिक वेतन और अधिक कार्यावधि) है।
बजट में EPFO पेंशन को लेकर घोषणा संभव
हालांकि पेंशन बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसको लेकर आगामी बजट (1 फरवरी, 2026) को या फिर नए वित्त वर्ष अप्रैल 2026 में घोषणा की जा सकती है। दूसरी ओर, सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि EPS-95 (कर्मचारी पेंशन योजना) एक 'परिभाषित योगदान-परिभाषित लाभ' योजना है। इसका मतलब है कि पेंशन उतनी ही दी जा सकती है जितना फंड में पैसा जमा है।
श्रम मंत्रालय के अनुसार, पेंशन फंड वर्तमान में घाटे में चल रहा है। पेंशन को 7500 करने के लिए सरकार को बहुत बड़े बजटीय सहयोग की आवश्यकता होगी। वर्तमान में सरकार पहले से ही अपनी ओर से अतिरिक्त पैसा मिलाकर न्यूनतम 1000 की पेंशन सुनिश्चित कर रही है। यह भी कहा जा रहा है कि सरकार न्यूनतम पेंशन बढ़ा सकती है, लेकिन यह 2000 या 3000 हो सकती है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala