Publish Date: Wed, 27 May 2026 (09:55 IST)
Updated Date: Wed, 27 May 2026 (10:03 IST)
राज्यसभा चुनावों को लेकर अब सियासी हलचल तेज होने लगी है। चुनाव आयोग ने 10 राज्यों में खाली हो रही राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनावी कार्यक्रम घोषित कर दिया है। राज्यसभा चुनाव में मध्यप्रदेश के साथ कर्नाटक और राजस्थान की 10 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच दिलचस्प मुकाबला हो सकता है।
मध्यप्रदेश में तीसरी सीट पर भी बीजेपी की नजर- मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। राज्यसभा के लिए मध्यप्रदेश से जो तीन सीटें खाली हो रही है, उसमें वर्तमान में दो पर भाजपा और एक पर कांग्रेस का कब्जा था लेकिन इस बार भाजपा ने तीसरी सीट पर अपनी निगाहें जमा दी है। विधानसभा में अपनी सदस्य संख्या के आधार पर भाजपा 2 सीटें आसानी से जीत सकती है और एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है लेकिन दतिया और श्योपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस विधायकों की सदस्यता का मामला कोर्ट में है, ऐसे में उनके मतदान प्रक्रिया में शामिल होने पर संशय बना हुआ है।
भाजपा के पास-163 विधायक
कांग्रेस के पास- 66 विधायक
एक सीट जीतने के लिए-58 वोट
संभावित परिणाम: विधानसभा में अपनी संख्या बल के आधार पर भाजपा इस बार भी बढ़त की स्थिति में है, लेकिन तीसरी सीट को लेकर दिलचस्प मुकाबले की संभावना बन रही है। कांग्रेस भी अपनी रणनीति तैयार कर रही है और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन जारी है।
मध्यप्रदेश विधानसभा में वर्तमान में कुल 230 सीटें हैं। सामान्य गणित के अनुसार किसी उम्मीदवार को जीत के लिए लगभग 58 वोटों की जरूरत पड़ती है। वर्तमान विधानसभा गणित देखें तो भाजपा के पास करीब 163 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में लगभग 65 विधायक हैं। इसके अलावा कुछ निर्दलीय और छोटे दलों के विधायक भी हैं। इसी संख्या बल के आधार पर भाजपा आसानी से दो सीटें जीत सकती है, जबकि कांग्रेस एक सीट पर मजबूत दावेदारी रखती है।
राजस्थान में तीन सीटों का सियासी गणित- मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान में 3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। राज्यसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी दांवपेंच की राजनीति जारी है।
भाजपा के पास-118 विधायक
कांग्रेस के पास- 69 विधायक
एक सीट के लिए आवश्यक वोट- 51
संभावित परिणाम: 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में वर्तमान में भाजपा के पास 118 विधायक और कांग्रेस के पास 67 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए पहली वरीयता के 51 वोटों की जरूरत होती है। ऐसे में सीटों के गणित के हिसाब से भाजपा के खाते में दो सीटे और कांग्रेस के खाते में एक सीट जानी चाहिए। लेकिन राज्यसभा में उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस में जिस तरह से अभी से अंसतोष के सुर सुनाई देने लगे है, इससे पार्टी के भीतर सबसे बड़ा डर क्रॉस वोटिंग का है।
कर्नाटक में कांग्रेस को बढ़त- कर्नाटक में 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने है। जहां पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। विधानसभा में कांग्रेस के पास 135 विधायक हैं, जबकि भाजपा-जेडीएस गठबंधन के पास कुल 85 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 45 मत चाहिए होते है।
कांग्रेस के पास 135 विधायक
भाजपा-जेडीएस गठबंधन-85 विधायक
एक सीट के लिए प्रथम वरीयता के मत- 45
संभावित परिणाम:
कांग्रेस अपनी ताकत के आधार पर 3 सीटें आसानी से जीत सकती है। भाजपा को 1 सीट मिलने की संभावना है। जेडीएस की स्थिति कमजोर होने के कारण उसकी सीट बचाना मुश्किल हो सकता है। कांग्रेस यहां अपने बहुमत का पूरा फायदा उठाते हुए अतिरिक्त सीट हासिल करने की स्थिति में है।
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भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल, धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।....
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