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Ajit Pawar Plane Crash : कौन थीं अजित पवार का प्लेन उड़ाने वाली कैप्टन शांभवी पाठक, 25 साल उम्र में दर्दनाक मौत, कितने साल का था अनुभव, MP से क्या था कनेक्शन, कैसे भरी थी सपनों की उड़ान

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, बुधवार, 28 जनवरी 2026 (18:07 IST)
captain sumit first officer shambhavi pathak details : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का बारामती एयरपोर्ट पर एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। इस हादसे में पवार के साथ विमान की को पायलट कैप्टन शांभवी पाठक (shambhavi pathak) की भी मौत हो गई। शांभवी पाठक विमानन क्षेत्र (Aviation) का एक उभरता हुआ चेहरा थीं। को-पायलट शांभवी पाठक, एक प्रशिक्षित कॉमर्शियल पायलट थीं।
 
कैप्टन शांभवी पाठक 'VSR एविएशन' द्वारा संचालित उस बदकिस्मत 'लियरजेट 45' (Learjet 45) की कमान संभाल रही थीं, जो दुर्घटना का शिकार हो गया। कैप्टन शांभवी पाठक सिर्फ एक पायलट नहीं थीं, बल्कि हजारों सपनों को उड़ान देने वाली प्रेरणा थीं। उनका असमय जाना भारतीय विमानन जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

न्यूजीलैंड से ली थी ट्रेनिंग

शांभवी एक सैन्य अधिकारी की बेटी थीं और मूल रूप से उत्तरप्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखती थीं। हालांकि उनका परिवार दिल्ली में रहता था। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से 'बैचलर ऑफ साइंस इन एयरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी' में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। मीडिया खबरों के अनुसार शांभवी पाठक ने 2016 से 2018 के बीच ग्वालियर स्थित एयरफोर्स स्कूल नंबर-1 से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। यहीं रहते हुए उन्होंने पायलट बनने का सपना संजोया और उसे पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की। उस समय उनका परिवार ग्वालियर एयरफोर्स कैंपस में रहता था। शांभवी ने न्यूजीलैंड की 'इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट एकेडमी' से पायलट की ट्रेनिंग ली थी।
 

1500 घंटे का उड़ान का अनुभव, MP से क्या था कनेक्शन 

मीडिया खबरों के मुताबिक 25 वर्षीय शांभवी के पास करीब 1,500 घंटे की उड़ान का अनुभव था। वे VSR एविएशन के साथ जुड़ी थीं और उन्हें एक बहुत ही होनहार और तकनीकी रूप से सक्षम पायलट माना जाता था। शांभवी न सिर्फ एक कमर्शियल पायलट थीं, बल्कि मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब की सक्रिय सदस्य और असिस्टेंट फ्लाइट इंस्ट्रक्टर भी रहीं। उनके पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (A) थी और वे आने वाली पीढ़ी के पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए जानी जाती थीं।
 
मीडिया खबरों के मुताबिक शांभवी के पिता विक्रम पाठक भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर तैनात रह चुके हैं और ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन में उनकी पोस्टिंग रही। रिटायरमेंट के बाद वे इंडिगो एयरलाइंस से जुड़े। परिवार में मां रोली शुक्ला पाठक और छोटा भाई वरुण हैं। शांभवी का ननिहाल कानपुर में है जबकि परिवार वर्तमान में दिल्ली में रहता है। Edited by : Sudhir Sharma

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