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संसद में आम लोगों के मुद्दें उठाने वाले राघव चड्ढा का क्या पंजाब विधानसभा चुनाव में बनेंगे BJP का चेहरा?

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Raghav Chadha
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इन दिनों सुर्खियों में है। राघव चड्ढा के सर्खियों में होने की दो वजह है। पहली वजह संसद के बजट सत्र में राघव चड्ढा आम आदमी से जुड़े मुद्दों को जिस ढंग से सदन में उठा रहे है, उससे वह सुर्खियों में बने हुए है। राघव चड्ढा बजट सत्र में लगातार आम लोगों से जुड़े विषयों को उठा रहे है। राज्यसभा में राघव चड्ढा ने मोबाइल डेटा रोलओवर की  मांग की, उन्होंने कहा कि ग्राहक द्वार इस्तेमाल न किए गए डेटा को अगले दिन के कैरी फॉरवर्ड किया जाना चाहिए।

सदन में बोलते हुए राघव चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों की डेली डेटा लिमिट पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पॉलिसी के तहत दिन के अंत में बचा हुआ अनयूज्ड डेटा रात 12 बजे अपने आप खत्म  हो जाता है, जो एक तरह की डिजिटल लूट है। उन्होंने कहा कि जब मोबाइल कंपनियां उपभोक्ताओं से पूरे डेटा के लिए पैसे लेती है, तो उसे उस पूरे डेटा को इस्तेमाल करने का अधिकार है। सदन में राघव चड्ढा ने तर्क देते हुए कहा कि यदि व्यक्ति कोई कार में 20 लीटर पेट्रोल भरवाता है और वह व्यक्ति महीने मे केवल 15 लीटर पेट्रोल का इस्तेमाल कर पाता है, तो पेट्रोल पंप मालिक बचा हुआ तेल वापस नहीं मांगता। ऐसे में ठीक यही नियम डेटा पर भी लागू होना चाहिए।

इसके साथ ही राघव चड्ढा ने सदन में मोबाइन कंपनियों के 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम ऑपरेटरों को सभी मासिक रिचार्ज प्लान के लिए एक जैसी 30-दिन या एक महीने की वैलिडिटी देना जरूरी होना चाहिए। इसके साथ ही आखिरी रिचार्ज के बाद कम से कम एक साल तक इनकमिंग कॉल और टेक्स्ट मैसेज चालू रहने चाहिए, और नंबर बंद करने का काम तीन साल की ग्रेस पीरियड के बाद होना चाहिए।

मिनिमम बैलेंस पेनल्टी का मुद्दा उठाया- इसके अलावा संसद के मौजूदा सत्र में आप सांसद राघव चड्ढा ने बैंकिंग क्षेत्र में मिनिमम बैलेंस पेनल्टी को खत्म करने का मुद्दा भी उठाया, यह तर्क देते हुए कि बैंक गरीबों को उनकी गरीबी के लिए सजा देकर मुनाफा कमा रहे हैं। सदन में उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में बैंकों ने ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस पेनल्टी के रूप में लगभग 19 हजार करोड़ रुपए वसूल किए है। राघव चड्ढा ने कहा कि किसान, पेंशनभोगी या दिहाड़ी मजदूर, जो सुरक्षा के लिए बैंक में पैसे रखता है, उसे पर्याप्त राशि न होने पर सजा दी जाती है, जो आमनवीय है।

पैकेज्ड फ्रूट जूस पर उठाए सवाल?-वहीं आप सांसद राघव चड्ढा ने पैकेज्ड जूस और उसके विज्ञापनों को लेकर भी सदन में मुखरता से अपनी बात रखी। राज्यसभा शून्यकाल के दौरान राघव चड्ढा ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि फ्रूट जूस बनाने वाली कंपनियां अपने डिब्बों पर  बड़े-बड़े अक्षरों में 100 प्रतिशत रियल फ्रूट लिखती हैं, जबकि असलियत में उनमें फल का नाममात्र हिस्सा और भारी मात्रा में चीनी और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। यह उपभोक्ताओं के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने कहा कि यह पैकेज्ड फूड बनाने वाली कंपनियां अपने उत्पादों में डब्ल्यूएचओ की निर्धारित मात्रा से चीनी मिला रही है जो मोटापे और मधुमेह का कारण है। राघव चड्ढा ने कहा कि हम जूस नहीं, शुगर सिरप पी रहे हैं।

उन्होंने सदन में कहा कि अगर किसी ड्रिंक में 10 फीसदी से कम फल है, तो उसे फ्रूट जूस कहना अपराध होना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कंपनियों को पैकेजिंग के सामने वाले हिस्से पर बड़े अक्षरों में शुगर कंटेंट और फ्रूट परसेंटेज लिखना अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार मांग की कि ऐसे भ्रामक विज्ञापनों पर बैन लगाना चाहिए और साथ ही  FSSAI को इन कंपनियों पर नकेल कसनी चहिए।

पंजाब में बनेंगे BJP का चेहरा?- एक ओर राघव चड्ढा आम लोगों से जुडे मुद्दें उठाकर सुर्खियों में बने हुए है, वहीं राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने की भी अटकलें लगाई जा रही है। दरअसल अगले साल (2027) में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने है और सूबे में वर्तमान में आम आदमी पार्टी की सरकार है। राज्यसभा में पंजाब से आने वाले राघव चड्ढा को भाजपा अपना राज्य में चुनावी फेस बना सकती है, इसकी अटकलें भी तेज है।

राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच वह लगातार आम आदमी पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए है। पिछले दिनों दिल्ली में कथित शराब घोटाले में जब पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया को कोर्ट से दोषमुक्त किया गया तब भी राघव चड्डा ने कोई बयान नहीं दिया और न ही सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट साझा की और न कोई प्रतिक्रिया दी। वहीं जब पिछले दिनों जब एक इंटरव्यू में आम आदमी  पार्टी के सांसद संजय सिंह से राघव चड्ढा को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने यह माना कि 'घर' में कुछ ठीक नहीं चल रहा है।   

अगर देखा जाए तो पंजाब में भाजपा के पास कोई ऐसा बड़ा चेहरा नहीं है जो सीधे जनता से कनेक्ट करता है, ऐसे में जनता से जुड़े मुद्दें उठाने वाले राघव चड्ढा क्या आने वाले समय में पंजाब में भाजपा के चेहरा बनेंगे, यह तो वक्त ही बताएगा।  
 

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