Publish Date: Sat, 07 Feb 2026 (15:03 IST)
Updated Date: Sat, 07 Feb 2026 (15:08 IST)
yogendra yadav decodes india us trade deal: सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इंडो-यूएस ट्रेड डील के संयुक्त बयान ने साफ कर दिया है कि पहली बार भारतीय कृषि को अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते का हिस्सा बनाया जा रहा है। कुछ कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क शून्य कर दिए गए हैं, मक्का-सोया जैसे उत्पाद पिछले दरवाजे से प्रवेश कर रहे हैं और आगे शर्तें और ढीली होंगी।
योगेन्द्र यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- अब भ्रम नहीं, हकीकत से सामना जरूरी है। इस हमले के फिलाफ देश के किसान और किसान संगठनों को कमर कसनी होगी। यादव ने कहा कि हमारा डर सच साबित होता दिख रहा है। यादव ने कहा कि कई दशकों में ऐसा पहली बार हो रहा है जब सरकार कृषि को इंटरनेशनल ट्रेड का हिस्सा बनाने पर सहमति दी है। दूसरी ओर, भारत सरकार ने कुछ कृषि पदार्थों पर अपने आयात शुल्क को जीरो कर दिया है।
उन्होंने कहा कि फ्रूट्स, नट्स, एक तरह का ज्वार और सोया ऑइल पर सरकार ने आयात शुल्क जीरो कर दिया है। सरकार कहती है कि चिंता मत करिए मक्का इसमें शामिल नहीं है, दूसरी ओर डीडीजी पर शुल्क जीरो किया है, यह मक्का का बाय प्रोडक्ट है, जो कि पशुओं के लिए उपयोग किया जाता है। यादव ने आशंका जाहिर की है कि फाइनल एग्रीमेंट में अमेरिका को ज्यादा एक्सेस दिया जाएगा। ऐसे अमेरिकी पशु जो मांसाहार करते हैं, उनके प्रोडक्ट भी भारत लाए जा सकते हैं। इस तरह के प्रोडक्ट का भारत में विरोध हो चुका है।
यादव ने कहा कि वाणिज्य मंत्री और कृषि मंत्री की कड़वी हकीकत का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। भारत के किसानों औरकिसान संगठनों को अपनी कमर कस लेनी चाहिए।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala