जामिया विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने एक रैली निकालकर बटला हाउस मुठभेड़ की न्यायिक जाँच कराने की माँग की।
जामिया टीचर्स सालिडैरिटी ग्रुप के नेतृत्व में इन शिक्षकों और छात्रों ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह के नाम एक ज्ञापन भी दिया जिसमें यह माँग की गई।
इस रैली में नर्मदा बचाओं आंदोलन के विमल भाई, अनहद की शबनम हाशमी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ की राष्ट्रीय सचिव कविता कृष्णन के अलावा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी भाग लिया। रैली को भट्टाचार्य ने संबोधित किया।
इन शिक्षकों और छात्रों ने हाथ में बैनर तथा तख्तियाँ लिए जंतर-मंतर पर करीब एक घंटे तक जमकर नारेबाजी की और फिर संसद मार्ग थाने के पास धरना प्रदर्शन किया।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री से घटना की सीबीआई जाँच के अलावा उच्चतम न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीश से पूरे मामले की जाँच कराने तथा निर्दोष मुस्लिम छात्रों को आतंकवादी बताकर पकडे़ जाने के आरोप में पुलिस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी माँग की गई है।
जामिया टीचर्स सालिडैरिटी ग्रुप की नेता मनीषा सेठी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने दहशतगर्दी और इस्लाम को जोड़ने के उद्देश्य से गिरफ्तार लड़कों को मीडिया के सामने खास तरह के अरबी नकाब में परेड करवाना इस्लाम और आतंकवाद को जोड़ने की अमेरिकी मुहिम का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पुलिस के तौर-तरीके से पूरे जामिया नगर में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।