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देशभर के मीडिया शिक्षकों, पत्रकारों और जनसंपर्क विशेषज्ञों ने दी कोठारी जी को श्रद्धांजलि

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Kothari ji
जयपुर से प्रकाशित मीडिया जर्नल 'कम्युनिकेशन टुडे' के तत्वावधान में ऑनलाइन श्रद्धांजलि सभा 'यादों में श्रद्धेय कल्याण कोठारी' आयोजित की गई। इस सभा में देशभर के वरिष्ठ पत्रकारों, मीडिया शिक्षकों, जनसंपर्क विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, साहित्यकारों तथा उनके मित्रों एवं शुभचिंतकों ने श्रद्धेय कल्याण कोठारी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
 
सभा में वक्ताओं ने कल्याण कोठारी जी के चार दशकों से अधिक लंबे पत्रकारिता जीवन, विकास संचार, जनसंपर्क तथा सामाजिक संवाद के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को स्मरण किया। सभी वक्ताओं ने उन्हें सिद्धांतनिष्ठ, संवेदनशील, अनुशासित तथा समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता रखने वाला व्यक्तित्व बताया।
 
कार्यक्रम का प्रारंभ राजस्थान विश्वविद्यालय के जनसंचार केंद्र के पूर्व अध्यक्ष प्रो. संजीव भानावत के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि कल्याण कोठारी जी केवल वरिष्ठ पत्रकार और जनसंपर्क विशेषज्ञ ही नहीं थे, बल्कि वे मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और वैचारिक प्रतिबद्धता के सजग प्रतिनिधि भी थे। उन्होंने आगे कहा कि कोठारी जी का व्यक्तित्व अत्यंत आत्मीय, संवादधर्मी और ऊर्जावान था तथा वे समाज और मीडिया के बीच सार्थक संवाद के प्रबल समर्थक थे।
 
वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार राजीव टिक्कू (दिल्ली), राजेंद्र बोड़ा, डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, अशोक चतुर्वेदी (जयपुर) एवं सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, गंगटोक के कुलसचिव प्रो. रमेश कुमार रावत ने सामाजिक सरोकारों और जनचेतना के क्षेत्र में कल्याण कोठारी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कोठारी जी ने पत्रकारिता को सदैव समाज परिवर्तन के सशक्त माध्यम के रूप में देखा। वहीं, पश्चिम बंगाल से यूनीसेफ (UNICEF) से जुड़ीं सुचोरिता बर्धन ने कोठारी जी की कार्यक्षमता, संगठन क्षमता तथा प्रत्येक आयोजन में उनकी कल्पनाशील भूमिका को रेखांकित किया।
 
मीडिया शिक्षा से जुड़े वरिष्ठ शिक्षकों प्रो. मृणाल चटर्जी (भुवनेश्वर), प्रो. हरीश कुमार, प्रो. निशा पवार (कोल्हापुर), प्रो. तनु डंग (दिल्ली), डॉ. ऋचा यादव (जयपुर), प्रो. उषा साहनी तथा डॉ. पृथ्वी सेंगर (मेरठ) ने अपने संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि कल्याण कोठारी जी एक सिद्धांतनिष्ठ, स्पष्टवादी और अनुशासित व्यक्तित्व थे, जो अकादमिक गुणवत्ता, सामाजिक मूल्यों तथा युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रति अत्यंत सजग रहते थे।
 
जयपुर के वरिष्ठ छायाकार महेश स्वामी ने कोठारी जी को आत्मीय मित्र और संवेदनशील व्यक्तित्व बताते हुए उनके साथ बिताए अनेक स्मरणीय क्षण साझा किए। पीआरएसआई (PRSI), दिल्ली के गुरुमुख सिंह बावा ने जनसंपर्क और सामाजिक संवाद के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान का उल्लेख किया।
 
बाबा आम्टे दिव्यांग विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलपति डॉ. देव स्वरूप, एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, दिल्ली के प्रो. अशोक ओगरा तथा वाराणसी के नरेंद्र मेहता ने अपने संदेशों में कहा कि कल्याण कोठारी जी ने पत्रकारिता और जनसंपर्क को केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, मानवीय मूल्यों और जनभागीदारी का माध्यम माना था। दिल्ली दूरदर्शन एवं आकाशवाणी की एंकर डॉ. प्रियंका कटारिया तथा युवा पत्रकार भारती पारीक ने उन्हें युवा प्रतिभाओं के प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया।
 
श्रद्धांजलि सभा के दौरान परिवारजनों, मित्रों और सहयोगियों द्वारा भेजे गए संदेश भी पढ़े गए, जिनमें कोठारी जी की आत्मीयता, सामाजिक प्रतिबद्धता, मानवीय दृष्टि और मित्रवत व्यवहार को भावुकता के साथ स्मरण किया गया। अंत में सभी वक्ताओं ने एकस्वर में कहा कि कल्याण कोठारी जी की स्मृतियां हम सभी को सदैव प्रेरणा देती रहेंगी।

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