Ayodhya News: रामनगरी अयोध्या में पुलिस ने एक फर्जी जमानत पत्र तैयार करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया है साथ इस गैंग से जुड़े 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि जनपद अयोध्या के थाना पूरकलंदर क्षेत्र के एक मुकदमे से संबंधित फर्जी जमानत-पत्र (कूटरचित जमानत पत्र) तैयार कर अपराधियों की जमानत कराने के एक गिरोह के पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि अयोध्या जनपद में गैंगस्टर एक्ट व बाकी मुकदमों से संबंधित एक अभियुक्त मान सिंह जो कि जेल में निरुद्ध है। उसका एक सहयोगी उपदेश यादव जिस पर पहले से ही 17 मुकदमे दर्ज हैं, वह एक मामले में जेल में बंद था। कुछ समय पहले ही न्यायलय से उसकी जमानत हुई। जमानत में जो दस्तावेज दाखिल किए थे, वो कूटरचित और फर्जी थे। दरअसल, बिना सही जमानतदारों के उसके सहयोगियों द्वारा एक गिरोह के माध्यम से फर्जी जमानत पत्र तैयार दाखिल कर जमानत कराई गई। इस संबंध में सीओ अयोध्या से एक जांच कराई गई, जिसमें जमानतदार व परिपत्र जनपद बस्ती के पाए गए जो कि पूरी तरह से फर्जी थे।
इस गैंग द्वारा जमानत पत्रों पर थाना प्रभारी, तहसीलदार, प्रधान इत्यादि की फर्जी मुहर लगाकर स्वयं ही गिरोह के सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर कर एवं प्रमाणित कर फर्जी जमानत-पत्र न्यायलय में प्रस्तुत किए गए, जिससे उसे जमानत मिल गई। थाना पूराकलंदर में एक अभियोग पंजीकृत किया गया, जिसकी जांच में खुलासा हुआ कि एक गिरोह है जो कि बस्ती जनपद अंतर्गत काम कर रहा है। गिरोह का मुख्य सरगना भीम प्रताप शाही है। इसके सहयोगी पवन कुमार, शंभूनाथ, रवीन्द्रपाल एवं सर्वेश कुमार हैं।
उन्होंने बताया कि पांचों अभियुक्तों से 100 से भी अधिक विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों की, न्यायालयों की, पुलिस अधिकारियों की मोहरें मिली हैं। कई तहसीलों के फर्जी हैसियत प्रमाण पत्र भी बरामद हुए हैं। यह गिरोह एक ही स्थान पर बैठकर फर्जी जमानत पत्र तैयार करता था। ग्रोवर ने बताया कि इस गिरोह के संबंध में न्यायलय को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है। साथ ही इसके बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास भी जारी हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala