जिला प्रशासन करेगा आशा कार्यकर्ता की बच्चियों की देखभाल

मुस्तफा हुसैन

बुधवार, 6 मार्च 2019 (20:19 IST)
आशा कार्यकर्ता धापू बाई की सड़क दुर्घटना में हुई अकाल मौत के बाद अनाथ हुई मासूम जया और निशा की देखभाल अब जिला प्रशासन करेगा। जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीणा के निर्देश पर रविवार को एसडीएम नीमच क्षितिज शर्मा आशा कार्यकर्ता के निवास पहुंचे, जिसके बाद उन्‍होंने आशा कार्यकर्ता की दोनों मासूम बेटियों की पूरी पढ़ाई का खर्च शासन द्वारा उठाने की बात कही है, साथ ही एसडीएम ने परिजनों को प्रशासन की ओर से हरसंभव मंदद करने की बात भी कही है।
 
गौरतलब है कि ग्राम सावन निवासी आशा कार्यकर्ता धापूबाई पति स्व. उदयलाल कलार (32) 20 फरवरी को गांव की गर्भवती महिला किरण व उसके पति यशवंत सेन के साथ बाइक पर जिला अस्‍पताल में जांच के लिए आ रहे थे, उसी दौरान बोरखेड़ी और जवासा के बीच सामने की और से आ रही तेज रफ्तार कार क्रमांक- एमपी-09 सीवी0894 ने बाइक सवार आशा कार्यकर्ता, गर्भवती किरण व उसके पति यशवंत सेन को टक्‍कर मार दी थी।
 
घटना की जानकारी पर नीमच सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी, जिसके बाद तीनों घायलों को 108 की मदद से जिला अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। अस्‍पताल में आशा कार्यकर्ता धापूबाई की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, वहीं गर्भवती किरण के पति यशवंत सेन की भी करीब 7 दिन बाद 27 फरवरी को उदयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
 
धापूबाई की शादी चित्‍तौड़गढ़ निवासी उदयलाल चौधरी के साथ हुई थी। शादी के करीब एक साल बाद 2012 में पति उदयलाल चौधरी की ह्दयघात से मौत हो गई, जिसके बाद से ही आशा कार्यकर्ता अपनी दोनों मासूम बेटियां निशा और जया के साथ करीब 6 साल से अपने पीहर ग्राम सावन ही एक मकान में रह रही थी, लेकिन 20 फरवरी को हुए दर्दनाक हादसे में धापूबाई की भी मौत हो गई, जिसके बाद दोनों मासूम नाना-नानी के सहारे थीं। 
दोनों बेटियां निशा (9) व जया (6) अपने नाना राधेश्‍याम व नानी भंवरीबाई के साथ ही रह रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने भी दोनों बच्चियों का हाथ थामा है।
 
इस मामले में बात करते हुए जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने बताया की बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, ऐसे में बिन मां-बाप की बेटियों की परवरिश प्रशासन का दायित्व है। वैसे भी बेटियों को पढ़ाने की जिम्मेवारी हम पर है। मैंने एसडीएम नीमच क्षितिज शर्मा को उनके घर भेजा था, जिन स्कूलों में ये बच्चियां पढ़ रही हैं, उन स्कूलों से बात करेंगे। यदि वे इन बच्चियों का खर्च उठाएंगे तो ठीक नहीं तो प्रशासन इनको पढ़ाने की व्यवस्था करेगा।
 
गौरतलब है की निशा पिछले तीन सालों से नीमच में अपनी मौसी विद्या चौधरी के यहां रहती है और शहर के यूनाइटेड अल्फा स्कूल में कक्षा चौथी में अध्‍ययनरत है, वहीं जया मनासा के इनोसेंट पब्लिक स्‍कूल में कक्षा यूकेजी में पढ़ रही है।

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