Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 (21:00 IST)
Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 (21:05 IST)
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर बनने के बाद अयोध्या में आने वाले राम भक्तों पर्यटयों व श्रद्धालुओं की संख्या काफी तेजी के साथ भारी बढ़ोतरी हुई है। अयोध्या को देखना व रामलला का दर्शन करना पूरी दुनिया चाहती है और इसी के कारण ही विश्व भर से लोग अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के बाद से बराबर आ रहे हैं।
अयोध्या में जहां एक तरफ श्रद्धांलुओं व पर्यटकों क़ी भारी भीड़ हो रही है वही दूसरी तरफ अपराधियों, जेबकतरों, चोरों व साइबर क्रिमिनल जैसे अपराधियों क़ी भी संख्या बढ़ी है यह बात अलग है कि पुलिस, इंटेलिजेंस, सीसीटीवी, ड्रोन इत्यादि के सक्रियता के चलते इन अपराधियों का साम्राज्य स्थापित नहीं हो पा रहा है।
अपराधियों के सक्रिय होते ही वें पुलिस के गिरफ्त मे आ जाते है और ऐसा ही इस बार भी हुआ, बिहार के शातिर अपराधियों का एक गिरोह बुजुर्ग और भोले-भाले लोगों को निशाना बना रहा था,ये अपराधी इतने शातिर थे क़ी अयोध्या आने वाले भोले-भाले श्रद्धालुओं व पर्यटको के आँख मे धूल झोंकते हुए उनके एटीएम कार्ड को बदलकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे और उनके असली एटीएम कार्ड लेकर ये अपराधी शॉपिंग करते थे या कैश निकाल लेते थे।
इसकी सूचना मिलते ही अयोध्या जनपद के थाना पूराकलंदर पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया, गिरफ्तार अपराधी बिहार के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से करीब ₹2 लाख नगद, फर्जी एटीएम कार्ड, उपकरण और एक स्विफ्ट कार बरामद की, पुलिस के अनुसार इस गिरोह से जुड़े दो मामले पहले ही थाना पूराकलंदर में दर्ज थे, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के अनुसार आरोपियों ने बढ़ती एटीएम गतिविधियों को देखकर अयोध्या को टारगेट किया था।
दूसरा अपराधियों का एक गिरोह जो क़ी लोगो को झांसा देकर गाड़ी में बैठाकर उन्हें लूटना और उन्हें बीच रास्ते में छोड़कर भाग जाने से संबंधित संगठित अपराध करने वाले गिरोह के तीन शातिर अभियुक्त गिरफ्तार जिनके पास से एक कार एक देशी तमंचा व नगदी बरामद पुलिस ने किया।
फर्जी बैनामा और मकान कब्जाने के आरोप में पूर्व पार्षद सहित 17 लोगों पर FIR दर्ज करने का आदेश
महानगर में जमीन से जुड़े एक विवादित मामले में CJM अदालत ने पूर्व पार्षद मुरारी सिंह यादव सहित 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। सभी पर आरोप है कि कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी बैनामा कराया गया और उसके आधार पर दूसरे के मकान पर कब्जा करने की कोशिश की गई। अदालत ने कोतवाली नगर पुलिस को निर्देश दिया है कि तीन दिन के भीतर इस मामले में एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी अदालत को दी जाए।
मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के नाका हनुमान गढ़ी की निवासी मनोरमा सिंह की शिकायत पर सामने आया, उन्होंने CJM के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि पूर्व पार्षद मुरारी सिंह यादव और अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उनके मकान को हड़पने की साजिश रची, पीड़िता के अनुसार उनके पति राजकुमार सिंह ने वर्ष 1963 में किसुन लाल से जमीन का बैनामा कराया था और तभी से उनका परिवार उसी मकान में रह रहा है।
मनोरमा सिंह ने बताया कि 30 जुलाई 2025 को कुछ लोगों ने उनके मकान पर कब्जा करने का प्रयास किया। इसके बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि किसी अन्य स्थान की जमीन को उनके मकान की चौहद्दी बताकर फर्जी बैनामा तैयार कराया गया है, उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में गुहार लगाई, पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उसी आधार पर जमीन का बैनामा कराया, जिसकी सीमाएं उनके मकान से मेल नहीं खातीं।
नका कहना है कि इस पूरे फर्जीवाड़े का उद्देश्य उनके पैतृक मकान पर अवैध कब्जा करना था। इस मामले में पूर्व पार्षद मुरारी सिंह यादव के अलावा विजय प्रताप सिंह, नीलू, मीनू सिंह, हेमंत कुमार, सुदामा सिंह, सुमित कुमार, इंद्र कुमार, किरन देवी, शंकर लाल, आनंद प्रताप, जय सिंह, विनीता, संदीप और नीरज समेत कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है, CJM सुधांशु शेखर उपाध्याय ने मामले की प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस प्रकरण में तीन दिन के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर अदालत को इसकी सूचना दी जाए।
बाराबंकी जिले का गैंगगेस्टर असलम की 1.17 करोड़ की संपत्ति कुर्क, गिरोह के अन्य सदस्यों पर शिकंजा कसेगा
बाराबंकी जनपद तेजी से संगठित अपराध कर धोखाधड़ी व जालसाजी से संपत्ति अर्जित करने वाले गिरोह का जिला बदर मुखिया मोहम्मद असलम के सभी कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं, सरगना असलम क़ी अपराध के धंधे से अर्जित क़ी गयी अवैध तरिके से करीब एक करोड़ 17 लाख 30 हजार रुपए की अचल संपत्ति कुर्क किए जाने के बाद अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पऱ सिकंजा कसने क़ी तैयारी क़ी जा रही है संगठित अपराधियों पर चलाए जा रहे अभियान में अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर सूची बनाई गई है,
जिले के फतेहपुर कोतवाली में दर्ज गैंगस्टर एक्ट में नामजद गिरोह का सरगना ग्राम सिहाली के मोहम्मद असलम पर कार्रवाई से नेटवर्क के अपराधी सतर्क हो गए हैं। यह जिला पंचायत सदस्य के साथ ही परिवार में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य रहे हैं, जिला बदर अपराधी असलम का गिरोह अब यहां सक्रिय है, यह गिरोह जमीनों को हड़पने और बिक्री करने के साथ ही अन्य अपराधों में लिप्त है, डरा - धमका के फर्जी तरह से जमीनों को हथियाने के लिए किसानों से कूटरचना, धोखाधड़ी और जालसाजी गिरोह करता है, एसपी विजय वर्गीय ने जानकारी देते हुए कहा क़ी गिरोह की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी मिल रहीं हैं, आरोपित के साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की अपराध क़ी कुंडली देखी जा रही है साथ ही इससे अर्जित संपत्तियों की जांच में पर्याप्त तथ्य मिले हैं, उन्होंने कहा क़ी ग्राम सिहाली में असलम ने विभिन्न गाटा संख्या में जमीन खरीदी है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.17 करोड़ रुपये है। मोहम्मदपुर खाला पुलिस ने इन संपत्तियों को चिह्नित किया, डीएम के आदेश पर कुर्की के आदेश अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया।
एसपी ने बताया कि गिरोह सरगना मो. असलम पर फतेहपुर में वर्ष 2016 से लेकर 2025 तक कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मारपीट, धमकी, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, धोखाधड़ी, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं, बताया क़ी यह संगठित गिरोह बनाकर अपराध करने वाले तथा अपराध से अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई तेज की जाएगी। अन्य संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें राज्य के पक्ष में कुर्क कराया जाएगा। Edited by : Sudhir Sharma
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संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। ....
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