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जवानी का वो गुनाह और बुढ़ापे में जेल की सलाखें: वैशाली के 84 वर्षीय बुजुर्ग की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर क्यों दे रही बड़ी सीख?

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Bihar : 84 year old man in court
जिस उम्र में बुजुर्गों को अपने बेटों और पोतों के सहारे की जरूरत होती है, उस उम्र में एक 84 साल के बुजुर्ग को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस बुजुर्ग की तस्वीर को देखकर लोग सीख लेने की बात रह रहे हैं। तस्वीर में दिख रहे बुजुर्ग का शरीर अब पूरी तरह साथ छोड़ चुका है। आज अदालत बुर्जुग को सजा सुनाएगी।
 

क्या है मामला?

बिहार में वैशाली जिले के राघवपुर गांव में करीब 33 साल पहले 10 नवबंर 1992 की सुबह, अदालत राय नाम के व्यक्ति अपनी पत्नी रामशकी देवी के साथ अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। तभी दीप राय नाम का व्यक्ति अपने परिवार के साथ हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचा और रास्ते पर कांच के टुकड़े बिछाने लगा। जब अदालत राय और उसकी पत्नी ने इसका विरोध किया तो दीप राय और उसके परिवार ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।

10 गवाहों की कराई गई गवाही

इस मामले में 13 मार्च 1993 को पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया। 17 जून 1999 को आरोपियों के खिलाफ अदालत ने आरोप तय किए। इस मामले में कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई। 33 साल बाद अदालत ने आरोपी को IPC की धारा 147, 148 और 307 के तहत दोषी पाया है।
 

अब शरीर नहीं दे रहा साथ

सोशल मीडिया में तेजी से वायरल तस्वीर में एक वृद्ध व्यक्ति न्यायालय परिसर से निकल रहा है, जिनका शरीर साथ नहीं दे रहा है। वह न तो अपने दम पर चल सकता है और ना ही बैठ सकता है। 2-2 लोग जब उन्हें सहारा देकर उन्हें बैठाते हैं लेकिन जवानी के दिनों में किए गए एक जघन्य अपराध ने उनका बुढ़ापा बिगाड़ दिया। लेकिन कानून का डंडा जब चला तो उम्र की लाचारी और बेबसी इनके काम नहीं आ रही है। 
edited by : Nrapendra Gupta 

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