Publish Date: Wed, 25 Feb 2026 (11:14 IST)
Updated Date: Wed, 25 Feb 2026 (11:36 IST)
Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में आयोजित 'खड़ी होली महोत्सव' का वर्चुअल माध्यम से विधिवत भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुमाऊं अंचल की खड़ी और बैठकी होली मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे पारंपरिक लोकसंगीत और सामाजिक सद्भाव की सजीव अभिव्यक्ति है। इस वर्चुअल उद्घाटन के दौरान चंपावत में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और लोक कलाकार मौजूद रहे।
खबरों के अनुसार, उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में आयोजित 'खड़ी होली महोत्सव' का वर्चुअल माध्यम से विधिवत भव्य शुभारंभ किया।
चंपावत में वर्चुअल उद्घाटन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुमाऊं अंचल की खड़ी और बैठकी होली मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे पारंपरिक लोकसंगीत और सामाजिक सद्भाव की सजीव अभिव्यक्ति है। इस वर्चुअल उद्घाटन के दौरान चंपावत में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और लोक कलाकार मौजूद रहे।
होल्यारों ने किया गायन एवं नृत्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोककला, लोकभाषा और लोक संस्कृति के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आयोजित होने वाले मेलों और महोत्सवों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर सैकड़ों होल्यारों ने कुमाऊंनी संस्कृति के समृद्ध विरासत होली पर्व के गीतों का गायन एवं नृत्य किया।
दो दिवसीय चौबे होली में पहले दिन क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा, चंपावत को आदर्श एवं श्रेष्ठ जिला बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विकास योजनाओं व परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया आह्वान
उन्होंने कहा, सरकार महिला सशक्तिकरण के तहत महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा हाउस ऑफ हिमालयाज केंद्रों के विस्तार से महिलाओं को मजबूत बनाने का काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहें। आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाए रखें।
Edited By : Chetan Gour