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Delhi Pollution : दिल्ली-NCR में कोहरे और प्रदूषण का डबल अटैक, जानिए कौनसी पाबंदियां हुईं लागू

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, रविवार, 14 दिसंबर 2025 (09:20 IST)
दिल्ली और NCR क्षेत्र में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का कहर जारी है। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच प्रदूषण भी पहले से ज्यादा बढ़ गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक रविवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 464 तक पहुंच गया, जो 'गंभीर+' श्रेणी में है। कई इलाकों जैसे आनंद विहार, बवाना और चांदनी चौक में AQI 480-490 के पार दर्ज किया गया। 
दिल्ली में सुबह-सुबह कोहरे से स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर कोहरे के कारण गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। दूसरी तरफ आज दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति भी बेहद गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। दिल्ली का आज औसत AQI 464 है। दिल्ली में एक ही दिन में GRAP 3 और फिर GRAP 4 की पाबंदी लागू कर दी गई हैं।
 
क्या हैं आदेश
एक अलग आधिकारिक आदेश में सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागों के प्रमुखों को नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया जबकि भौतिक उपस्थिति को कर्मचारियों की संख्या के 50 प्रतिशत से अधिक तक सीमित नहीं किया।

आदेश के मुताबिक शेष 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे, बशर्ते कि प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष आवश्यक और आपातकालीन सार्वजनिक सेवाओं की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यालय में बुला सकें। इससे पूर्व सीएक्यूएम ने जीआरएपी के तहत स्टेज-III प्रतिबंधों को सक्रिय कर दिया था, जिसमें पांचवीं कक्षा तक हाइब्रिड कक्षाएं और निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध शामिल था, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ गया था।
 
वर्क फ्रॉम होम की सलाह 
दिल्ली के भीतर संचालित होने वाले निजी कार्यालयों पर भी बढ़ा दिए गए हैं, जिन्हें कार्यस्थल पर अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की शारीरिक उपस्थिति के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। आदेश में कहा गया कि शेष कर्मचारी अनिवार्य रूप से घर से काम करेंगे।  निजी संस्थाओं को भी सलाह दी गई है कि वे जहां भी संभव हो अलग-अलग काम के घंटे अपनाएं और कार्यालय आवागमन से जुड़े वाहनों की आवाजाही को कम करने के लिए घर से काम करने के मानदंडों को सख्ती से लागू करें।
 
हालांकि आदेश में स्पष्ट किया गया कि आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को इन निर्देशों से छूट दी जाएगी। इनमें अस्पताल और अन्य सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठान, अग्निशमन सेवाएं, जेल, सार्वजनिक परिवहन, बिजली, पानी, स्वच्छता और नगरपालिका सेवाएं, आपदा प्रबंधन और वायु प्रदूषण नियंत्रण, निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियों में शामिल वन और पर्यावरण विभाग शामिल हैं। Edited by : Sudhir Sharma

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