इंदौर की क्राइम कथा : पॉवर बढ़ाने वाली दवा खाकर हैवान बन गया था पीयूष, चोरी-छिपे शादी की, मंगलसूत्र भी पहनाया
एमबीए छात्रा की हत्या के आरोपी पीयूष के अलग-अलग बयान, कहा- आत्महत्या करना चाहता था, लेकिन...
Publish Date: Wed, 18 Feb 2026 (15:07 IST)
Updated Date: Wed, 18 Feb 2026 (15:11 IST)
Indore Dwarkapuri murder case: वेलेंटाइन वीक का खुमार था, प्यार के वादे थे, लेकिन इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में 'अंकल वाली गली' के एक बंद कमरे में प्यार नहीं, मौत का खेल होने वाला था। एमबीए की एक होनहार छात्रा को क्या पता था कि जिस हाथ को वह अपना सहारा समझ रही है, वही हाथ उसकी सांसों की डोर काट देंगे। पीयूष धामनोदिया एक ऐसा नाम, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।
अब पीयूष ने दावा किया है कि वह पीड़िता के साथ कमरे में ही चोरी-छिपे सात फेरे ले चुका था। लड़की उस पर सार्वजनिक रूप से शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि पीयूष इसके लिए तैयार नहीं था। दूसरी तरफ उसे उसके चरित्र पर शक हो गया था। उसे शक था कि वह दूसरे लड़कों से भी बात करती थी। पुलिस के मुताबिक पीयूष ने लड़की को मंगलसूत्र भी पहनाया था और दीया जलाकर फेरे भी लिए थे। दोनों एक ही कॉलेज से एमबीए कर रहे थे। आरोपी ने आत्महत्या करने का भी मन बनाया था, लेकिन उसकी हिम्मत जवाब दे गई थी।
साजिश का वेलेंटाइन गिफ्ट
तारीख थी 10 फरवरी। पीयूष ने अपनी 24 साल की गर्लफ्रेंड को एक 'खास गिफ्ट' का झांसा देकर द्वारकापुरी क्षेत्र के प्रजापत नगर में अपने कमरे पर बुलाया। कमरे में कदम रखते ही उसने बड़े प्यार से मैगी बनाई। दोनों ने साथ बैठकर खाई, लेकिन पीयूष के दिमाग में तो कुछ और ही पक रहा था। उसने पहले ही मेडिकल स्टोर से मर्दानगी (सेक्स पॉवर) बढ़ाने वाली गोलियां खा ली थीं। उसका इरादा सिर्फ मुलाकात नहीं, बल्कि हवस का खेल खेलना था।
आंखों पर पट्टी और हैवानियत का 'गेम'
'आंखें बंद करो, तुम्हें सरप्राइज देना है!' —पीयूष के इन शब्दों पर भरोसा कर लड़की ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली। मजाक-मजाक में उसने छात्रा के हाथ-पैर बांध दिए। जब छात्रा को खतरे का अहसास हुआ और उसने विरोध किया, तो पीयूष का चेहरा बदल गया। वह अब प्रेमी नहीं, भेड़िया बन चुका था। उसने उसके साथ जबरदस्ती की। जब लड़की ने मिन्नतें कीं, तो उसने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। फिर वह उसके सीने पर चढ़ बैठा और तब तक गला दबाया जब तक उसकी धड़कनें शांत नहीं हो गईं।
लाश के साथ ढाई घंटे
कत्ल के बाद अक्सर कातिल भाग खड़े होते हैं, लेकिन पीयूष ने ऐसा नहीं किया। वह ढाई घंटे तक उस ठंडी पड़ती लाश के पास बैठा रहा। उसकी हैवानियत कम होने के नाम नहीं ले रही थी। उसने बीयर पी और उस बेजान शरीर के साथ घिनौना काम (रेप) किया जिसे लिखने में भी शर्म आ जाए। बताया जाता है कि उसकी दरिंदगी की दास्तान सुनकर केस की जांच कर रही महिला सब-इंस्पेक्टर की आंखें भी नम हो गईं।
तंत्र-मंत्र और मुस्कराता कातिल
जानकारी के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी पनवेल (महाराष्ट्र) भागा, जहां उसने तांत्रिकों के चक्कर लगाए। उसका दावा है कि वह तंत्र-मंत्र से लड़की की आत्मा को बुलाकर उससे बात करना चाहता था। लेकिन जब पुलिस ने उसे दबोचा, तो उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था। आरोपी का दावा है कि हत्या के बाद वह मानसिक तौर पर बेहद परेशान हो गया था और तंत्र-मंत्र के जरिए युवती की आत्मा से बात करना चाहता था।
पुलिस के मुताबिक युवती और आरोपी के बीच नजदीकी संबंध थे। आरोपी को यह भी संदेह था कि वह दूसरे युवकों से भी बात करती है। इस कारण उसने गुस्से में आकर युवती की हत्या कर दी थी और फरार हो गया था। मीडिया के कैमरों के सामने वह बेशर्मी से मुस्कुराया और बोला— 'जो होना था वो हो गया, अब जानकर क्या करोगे?' वारदात का खुलासा 13 फरवरी को हुआ था जब किराए के घर में पड़ोसियों को बदबू आई थी। जब मीडिया ने जोर देकर कारण पूछा तो उसने कहा, टाइम आने दो, सबको बताऊंगा।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala