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जस्टिस स्वर्णकांता ने किया बहिष्कार तो माने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया ने भी की हां

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Arvind Kejriwal on NEET paper leak
दिल्ली आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की अपील से जुड़ी सुनवाई में शामिल होंगे। सीबीआई ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि तीनों नेताओं ने अपने वकीलों के माध्यम से अदालत में वकालतनामा दाखिल कर दिया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही इन नेताओं ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा द्वारा मामले से खुद को अलग करने से इनकार किए जाने के विरोध में अदालत की कार्यवाही का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। बाद में यह मामला जस्टिस मनोज जैन की बेंच को सौंप दिया गया।
 
सोमवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील डीपी सिंह ने अदालत को बताया कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने अपने कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए वकालतनामा दाखिल किया है। कोर्ट स्टाफ ने पुष्टि की कि ये दस्तावेज 25 मई को जमा किए गए।
जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी, जिसमें सुनवाई का पूरा शेड्यूल तय किया जाएगा। अदालत ने कहा कि अगली तारीख पर सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी और उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
 
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रायल कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों को राहत दी थी, जिसके खिलाफ सीबीआई हाईकोर्ट पहुंची। इसके बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा और केजरीवाल के बीच कानूनी टकराव बढ़ता गया। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यवाही को भी टाल दिया था। इसके बाद 13 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने केजरीवाल की मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग खारिज कर दी थी।
 
AAP नेताओं ने जस्टिस शर्मा से खुद को मामले से अलग करने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने 20 अप्रैल को यह मांग ठुकरा दी। इसके बाद 27 अप्रैल को केजरीवाल ने अदालत की कार्यवाही के बहिष्कार की घोषणा कर दी, जबकि बाद में मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक भी इसमें शामिल हो गए।
 
5 मई को अदालत ने तीनों नेताओं का पक्ष रखने के लिए वरिष्ठ वकीलों को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था, लेकिन सुनवाई कई बार टलती रही। बाद में जस्टिस शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ कथित आपत्तिजनक और मानहानिकारक पोस्ट को लेकर अवमानना की कार्यवाही शुरू की और फिर खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया।
 
अब यह मामला जस्टिस मनोज जैन की बेंच के समक्ष लंबित है। इस बीच हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और विनय मिश्रा समेत कई AAP नेताओं को अवमानना मामले में नोटिस जारी किए हैं। Edited by : Sudhir Sharma 

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