कर्नाटक में सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) और केंद्रीय स्तर पर किए गए निरीक्षणों से जो तस्वीर सामने आई है, वह गंभीर प्रशासनिक विफलताओं और कमजोर शासन व्यवस्थाकी ओर इशारा करती है। कर्नाटक में अब तक1.33 लाख से अधिक अनियमितताओं की रिपोर्ट सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से सामने आई है।
लेकिन चिंता की बात यह है कि राज्य द्वारा इनमें से केवल1.03 लाख मामलों पर ही ATR (Action Taken Report)अपलोड किया गया है।
कर्नाटक में MGNREGA के क्रियान्वयन की जमीनी जांच के लिए केंद्रीय टीम को भेजा गया था।
जिले के अलंद (Aland) और जेवारगी (Jevargi)ब्लॉकों की 5 ग्राम पंचायतोंमें जाकर 21 कार्यों का भौतिक सत्यापनकिया। केंद्रीय टीम ने कुछ शिकायतों पर इन्क्वायरी भी की, जिनमें मशीनों के उपयोग और फर्जी रिकॉर्ड से संबंधित आरोप शामिल थे।
कर्नाटक के यादगिर जिले में MGNREGA के क्रियान्वयन में सामने आया मामला केवल एक स्थानीय चूक नहीं, बल्कि प्रणालीगत विफलता का संकेत है। यहां कुछ पुरुषों द्वारा साड़ी पहनकर स्वयं को महिला श्रमिक के रूप में प्रस्तुत करने, महिलाओं के जॉब कार्ड के दुरुपयोग और फर्जी फोटो अपलोड कर डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराने जैसे गंभीर कृत्य सामने आए हैं। यह सीधे तौर पर योजना की पारदर्शिता, लैंगिक अधिकारों और सार्वजनिक धन की सुरक्षा पर प्रहार है। यह घटना दिखाती है कि जमीनी स्तर पर सत्यापन, सामाजिक अंकेक्षण और जवाबदेही की प्रक्रियाएँ कमजोर पड़ी हैं। Edited by : Sudhir Sharma