Publish Date: Tue, 12 May 2026 (16:55 IST)
Updated Date: Wed, 13 May 2026 (12:22 IST)
Big Action by Tamil Nadu Government : तमिलनाडु में शराबबंदी की बढ़ती मांग के बीच मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने बड़ा कदम उठाया है। विजय सरकार ने राज्यभर में चल रही 717 सरकारी शराब दुकानों को बंद करने का फैसला लिया है। इनमें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड के पास मौजूद दुकानें शामिल हैं। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने इन शराब दुकानों को 2 हफ्ते में बंद करने का आदेश दिया है। तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) वर्तमान में पूरे तमिलनाडु में शराब की 4765 दुकानें चलाता है। इससे पहले साल 2023 में एमके स्टालिन की सरकार ने भी शराब से मौतों के बाद करीब 500 सरकारी शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था।
2 हफ्ते में बंद करने का आदेश
तमिलनाडु में शराबबंदी की बढ़ती मांग के बीच मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने बड़ा कदम उठाया है। विजय सरकार ने राज्यभर में चल रही 717 सरकारी शराब दुकानों को बंद करने का फैसला लिया है। इनमें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड के पास मौजूद दुकानें शामिल हैं। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने इन शराब दुकानों को 2 हफ्ते में बंद करने का आदेश दिया है।
पूरे राज्य में हुआ था विशेष सर्वे
तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) वर्तमान में पूरे तमिलनाडु में शराब की 4765 दुकानें चलाता है। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलने के बाद अधिकारियों ने पूरे राज्य में एक विशेष सर्वे किया। इस जांच का मकसद उन दुकानों की पहचान करना था जो पूजा स्थलों, स्कूलों, कॉलेजों और बस अड्डों के बहुत करीब चल रही थीं। सर्वे के दौरान अधिकारियों ने पाया कि 276 शराब की दुकानें पूजा स्थलों के पास स्थित हैं।
उठती रही है शराबबंदी की मांग
इसके अलावा 186 दुकानें स्कूलों और कॉलेजों के पास मिलीं, जबकि 255 दुकानें बस स्टैंडों के करीब पाई गईं। इस तरह कुल 717 दुकानों को बंद करने के लिए चिन्हित किया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला जनता के हित और सामाजिक माहौल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। तमिलनाडु में लंबे समय से महिलाओं और कई सामाजिक संगठनों की ओर से शराबबंदी की मांग उठती रही है। कई राजनीतिक दल भी राज्य में शराब की बिक्री बंद करने की बात करते रहे हैं।
CM विजय के फैसले पर क्या बोला विपक्ष?
हालांकि विपक्षी दल द्रमुक ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाए हैं। द्रमुक नेताओं का कहना है कि जिन इलाकों का जिक्र किया जा रहा है, वहां पहले से ही नियमों के मुताबिक दुकानें नहीं थीं। विपक्ष ने इसे सरकार का 'पब्लिसिटी स्टंट' बताया।
इसके बावजूद सरकार का कहना है कि लोगों की सुरक्षा और सामाजिक माहौल ज्यादा जरूरी है। इससे पहले साल 2023 में एमके स्टालिन की सरकार ने भी शराब से मौतों के बाद करीब 500 सरकारी शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था।
Edited By : Chetan Gour
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