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TamilNadu : मासूम की चीखों पर 'बेशर्म' हंसी, 10 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न, हत्या के बाद मंत्री और पुलिस अधिकारियों के व्यवहार पर भड़के लोग

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तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के सुलूर में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या मामले को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में तमिलनाडु सरकार और नव निर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। लगातार दो विवादों ने सरकार की संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे पहले तमिलनाडु की उद्योग मंत्री एस. कीर्तना विवादों में घिर गईं। मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे इस दर्दनाक घटना पर सवाल पूछा गया तो वह मुस्कुराती हुई दिखाई दीं। भाजपा ने इसे 'अत्यधिक असंवेदनशीलता' करार देते हुए सरकार पर हमला बोला। तमिलनाडु सरकार ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की बात कही है। मुख्यमंत्री विजय ने घटना को 'भयावह और अमानवीय' बताते हुए कहा कि दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दिलाई जाएगी।
विपक्षी नेताओं उदयनिधि स्टालिन, एडप्पडी के. पलानीस्वामी, टीटीवी दिनाकरन और अंबुमणि रामदास समेत कई नेताओं ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने तमिलनाडु में राजनीतिक टकराव के साथ-साथ सरकार की कार्यशैली और संवेदनशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विवाद थमा भी नहीं था कि इसके बाद एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बच्ची की हत्या मामले पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले मुस्कुराते नजर आए।
वीडियो में पश्चिमी जोन की आईजी आरवी रम्या भारती, कोयंबटूर रेंज के डीआईजी पी. सामीनाथन और एसपी अल्लाटीपल्ली पवन कुमार रेड्डी प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले मुस्कुराते और बातचीत करते दिखे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोगों ने पुलिस अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए।
एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि 10 साल की बच्ची का अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या हुई और अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजाक करते दिख रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक है। एक यूजर ने लिखा ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, उन्हें गंभीर परिस्थितियों में व्यवहार करना नहीं आता। 
 
हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि लगातार तनावपूर्ण मामलों से निपटने के कारण अधिकारी भावनात्मक रूप से सुन्न हो जाते हैं, लेकिन अधिकांश लोगों ने इसे असंवेदनशील रवैया बताया।
 
इससे पहले बीजेपी नेता विनोज पी. सेल्वम ने मंत्री कीर्तना पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था 'संदिग्ध' स्थिति में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने इतनी भयावह घटना को हल्के में लिया। बीजेपी ने मंत्री के उस बयान पर भी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि वह स्वाभाविक रूप से मुस्कुराती हैं। 
 
विवाद बढ़ने पर मंत्री एस. कीर्तना ने सफाई दी कि उनकी मुस्कान को राजनीतिक मकसद से तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया से सवाल-जवाब सत्र खत्म होने के बाद वह सामान्य रूप से मुस्कुराईं थीं और इसका किसी विशेष सवाल या घटना से कोई संबंध नहीं था।
 
कीर्तना ने इस अपराध को 'जघन्य'  बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मामले में तेजी से कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर पांच विशेष जांच टीमें गठित की गईं और 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
 
पुलिस के अनुसार, 21 मई की शाम बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी वह लापता हो गई। बाद में जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी 33 वर्षीय के. कार्थी, जो पीड़ित परिवार का परिचित था, बच्ची को बहला-फुसलाकर ले गया। पुलिस ने उसे एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स से गिरफ्तार किया। एक अन्य आरोपी को आपराधिक साजिश के आरोप में पकड़ा गया है।  Edited by : Sudhir Sharma

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