करीब 19 वर्ष अलग-अलग राजनीति करने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे एवं शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे करीब तीन माह पहले प्राथमिक कक्षाओं से ही हिंदी की शिक्षा अनिवार्य किए जाने के विरोध में एक मंच पर आए थे। अब वे एक बार फिर साथ आए हैं। इस बार मतदाता सूची की गड़बड़ी के मुद्दे पर उद्धव और राज ठाकरे एक मंच पर दिखाई दिए हैं।
इस बार उनके साथ राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता शरद पवार एवं कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी थे। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार चुनाव के बाद राज ठाकरे भी महाराष्ट्र की विपक्षी महाविकास आघाड़ी का हिस्सा हो सकते हैं। मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का विरोध करने के लिए साथ आए और दक्षिण मुंबई स्थित मुंबई महानगरपालिका की इमारत के ठीक सामने सड़क पर एक बड़ी रैली की।
इस रैली को सत्याचा मोर्चा अर्थात सत्य का मोर्चा नाम दिया गया था। रैली में शामिल होने के लिए राज ठाकरे आज दादर से चर्चगेट तक लोकल ट्रेन में बैठकर आए। वे अपने साथ मतदाता सूची में गड़बड़ियों के ढेर सारे प्रमाणपत्र भी लेकर आए थे। Edited by : Sudhir Sharma