Publish Date: Wed, 11 Feb 2026 (20:36 IST)
Updated Date: Wed, 11 Feb 2026 (20:39 IST)
UP Budget 2026-27: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए 9.12 लाख करोड़ के ऐतिहासिक बजट पर राजनीतिक गलियारों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां सत्ता पक्ष इसे 'विकसित उत्तर प्रदेश' की नींव बता रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे 'विदाई बजट' और 'कागजी' करार दिया है।
ऐतिहासिक बजट : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह 9 वर्षों के नए निर्माण की गाथा है। उन्होंने जोर दिया कि यूपी अब 'बीमारू' राज्य से निकलकर 'रेवेन्यू सरप्लस' राज्य बन गया है। उनके अनुसार, यह बजट सुरक्षित महिलाओं, सक्षम युवाओं और खुशहाल किसानों को समर्पित है।
अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति : वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला बजट बताया, जिसमें विशेष रूप से AI मिशन और तकनीकी विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसे 'विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश' बनाने वाला बजट बताया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की प्रगति देखकर समाजवादी पार्टी बौखला गई है।
क्या कहा विपक्ष ने? : सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इसे भाजपा की विदाई वाला बजट करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट में युवाओं के रोजगार और किसानों की असली समस्याओं के लिए कोई ठोस समाधान नहीं है। सपा ने इसे केवल आंकड़ों का मायाजाल बताया है। मायावती ने बजट को 'लोक-लुभावन' और 'सुर्खियां बटोरने की कोशिश' बताया। उन्होंने कहा कि इसमें सर्वसमाज के वास्तविक उत्थान की झलक कम है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि बजट में आम जनता के लिए कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार पहले पिछले बजट के खर्च पर एक श्वेत पत्र जारी करे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala