Uttarakhand Chardham yatra : बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री समेत उत्तराखंड के करीब 50 मंदिरों में गैर हिंदुओं की एंट्री बैन कर दी गई है। ये प्रतिबंध जैन, बुद्ध और सिख धर्म के अनुयायियों पर लागू नहीं होगा। फिलहाल यमुनोत्री मंदिर समिति ने इस पर कोई फैसला नहीं किया है।
बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मंदिर क्षेत्रों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने के मामले पर साधु-संतों, तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय निवासियों समेत सभी हितधारकों के साथ सहमति बना ली गई है। इस सप्ताह के आखिर में होने वाली मंदिर समिति बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर लगा दी जाएगी। इसके बाद समिति ने नियंत्रण वाले सभी मंदिरों पर फैसला लागू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम कोई पर्यटक स्थल नहीं बल्कि आस्था के केंद्र हैं। ये वे वैदिक केंद्र हैं जिनकी स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 26 प्रत्येक संप्रदाय को अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने का अधिकार देता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस संबंध में कहा कि चार धाम यात्रा के प्रबंधन में मुख्य भूमिका मंदिर समितियों की है जबकि सरकार की भूमिका केवल सहयोगी की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी हितधारकों की बात सुनी जाएगी।
कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनसमस्याओं से ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार के काम कर रही है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, सरकार को सोच लेना चाहिए कि कहां-कहां प्रतिबंध लगाना है और एक बार में ही वह प्रतिबंध लगा दे। बार-बार ऐसा करके वह लोगों को उलझाकर जन समस्याओं से ध्यान हटाना चाहती है।
गौरतलब है कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट बंद होने की वजह से चारधाम यात्रा फिलहाल बंद हैं। गंगोत्री यमुनोत्री के कपाट 19 अप्रैल को खुलने जा रहे हैं। बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।
edited by : Nrapendra Gupta