मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की अहम बैठक में राज्य के प्रशासनिक सुधार और दीर्घकालिक विकास से जुड़े 8 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के ये फैसले स्वास्थ्य, राजस्व, जनजाति कल्याण, भू-जल संरक्षण, उच्च शिक्षा, रक्षा, औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करेंगे।
कैबिनेट में हेल्थ वर्कर्स ट्रांसफर और उत्तराखंड हाईड्रोजन नीति 2026 समेत कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई, जबकि इसके बाद मंत्रिमंडल ने एजेंडे में शामिल सभी प्रस्तावों पर निर्णय लिया।
राज्य में हरित हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने 'उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026' को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार पहले ही राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2022 और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन 2023 लागू कर चुकी है। इसका मकसद आने वाले दशक में भारत को ग्रीन हाइड्रोजन का वैश्विक केंद्र बनाना है।
सरकार का कहना है कि ग्रीन हाइड्रोजन स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है। इससे प्रदूषण कम होगा और देश के नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma