Festival Posters

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

महाकाल मंदिर में गैर हिन्दुओं की नो इंट्री, चारधाम की तर्ज पर उठी बैन की मांग

Advertiesment
हमें फॉलो करें Ujjain
उज्जैन , गुरुवार, 29 जनवरी 2026 (17:53 IST)
देवभूमि उत्तराखंड के चारधाम मंदिरों में गैर हिन्दुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव के बाद अब इसकी आंच मध्यप्रदेश के महाकाल मंदिर तक पहुंच गई है। मीडिया खबरों के मुताबिक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी सनातन धर्म में आस्था न रखने वालों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की जा रही है। हिन्दू संगठनों और उज्जैन के कुछ प्रमुख संतों का तर्क है कि महाकाल मंदिर कोई 'पर्यटन स्थल' नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है।

मीडिया खबरों के मुताबिक स्थानीय हिन्दूवादी संगठनों और मंदिर से जुड़े कुछ पुजारियों का कहना है कि  जिस तरह उत्तराखंड की मंदिर समितियों ने 'सनातन धर्म' में विश्वास न रखने वालों को पवित्र परिसरों से दूर रखने का फैसला किया है, वैसा ही नियम महाकाल मंदिर में भी लागू होना चाहिए।  संगठनों ने आरोप लगाया कि कई बार गैर-हिन्दू केवल घूमने के उद्देश्य से आते हैं और मंदिर की मर्यादा के विपरीत आचरण करते हैं। 

यहां पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है। हिन्दू संगठनों ने दावा किया कि 2025 में महाकाल मंदिर परिसर से एक दर्जन से अधिक गैर हिन्दू युवकों को पकड़ा है, जो लड़कियों के साथ मंदिर परिसर में पहुंचे थे। उज्जैन में यह मांग अब एक बड़े धार्मिक और राजनीतिक मुद्दे का रूप ले रही है। यदि मंदिर प्रबंध समिति इस दिशा में कोई कदम उठाती है, तो इसका असर देश के अन्य प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और मंदिरों पर भी पड़ना तय है।

आधार कार्ड देखकर ही प्रवेश

प्रवेश द्वार पर आधार कार्ड या पहचान पत्र की गहन जांच हो ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि केवल हिन्दू श्रद्धालु ही अंदर जा रहे हैं। हाल ही में उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और गंगोत्री मंदिर समिति ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले मंदिरों के गर्भगृह और मुख्य परिसर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, जिससे उज्जैन के संगठनों को बल मिला है।  Edited by : Sudhir Sharma

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

सुरक्षा परिषद : मध्य-पूर्व में अस्थिरता पर बैठक, किन देशों ने क्या कहा?