Publish Date: Wed, 25 Mar 2026 (18:13 IST)
Updated Date: Wed, 25 Mar 2026 (18:17 IST)
अफगानिस्तान लौटने वाले अफगान लोग टॉर्कहम सीमा पार से गुजरते हैं, सामान ले जाते हैं और थकान के संकेत दिखाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों सहित परिवार, भीड़भाड़ और धूलभरी सड़क पर सवार होते हैं, जो भरी हुई गाड़ियों से घिरी होती है, जो अफगानिस्तान लौटने की उनकी यात्रा का प्रतीक है। 26 फ़रवरी से अब तक अफगानिस्तान में कम से कम 289 लोग हताहत हुए हैं, जिनमें 76 लोगों की मौतें शामिल हैं। घायलों की संख्या 213 है। इनके अलावा, 1 लाख 15 हज़ार से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से एक नए युद्ध विराम की घोषणा करने और शांति समझौता करने का आग्रह किया है। ग़ौरतलब है कि दोनों देशों के दरम्यान, अक्टूबर 2025 का युद्धविराम विफल होने और फ़रवरी के अन्त में फिर से लड़ाई भड़कने के सन्दर्भ में यह अपील की गई है।
यूएन विशेषज्ञों ने मंगलवार को कहा है, हम पाकिस्तान और अफगानिस्तान के तथ्यतः (De facto) अधिकारियों से स्थाई युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध होने, लड़ाई के मूल कारणों को सुलझाने और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 26 फ़रवरी से अब तक अफगानिस्तान में कम से कम 289 लोग हताहत हुए हैं, जिनमें 76 लोगों की मौतें शामिल हैं। घायलों की संख्या 213 है। इनके अलावा, 1 लाख 15 हज़ार से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। चिकित्सा सुविधाओं, घरों, बाज़ारों जैसे बुनियादी ढांचे और विस्थापितों के शिविरों को भारी नुक़सान पहुंचा है। स्कूल और सीमाएं बन्द कर दी गई हैं और व्यापार भी लगभग ठप है।
16 मार्च को अफगानिस्तान में एक नशा मुक्ति केन्द्र पर एक पाकिस्तानी हवाई हमले में सैकड़ों लोगों के मारे जाने और घायल होने की सम्भावना है। मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है, हम इस हमले की निन्दा करते हैं, पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने पाकिस्तान में तालिबान के हमलों में लोगों के हताहत होने, स्थापन और स्कूलों के बन्द होने पर भी चिन्ता व्यक्त की।
क़ानूनों का पालन करें
विशेषज्ञों ने दोनों पक्षों से अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून और मानवीय क़ानून का सम्मान करने का आहवान किया। मानवाधिकार विशेषज्ञों की अपील में ये मुख्य बातें शामिल हैं...
जवाबदेही
सभी कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की त्वरित, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
यूएन चार्टर का उल्लंघन : विशेषज्ञों के अनुसार, अफगानिस्तान पर पाकिस्तान का हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2 के तहत बल प्रयोग के निषेध का उल्लंघन करता है।
आत्मरक्षा का अधिकार
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि जब तक तालिबान ने पहले पाकिस्तान पर हमला नहीं किया हो या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को हमले के लिए नहीं भेजा हो, तब तक पाकिस्तान की आत्मरक्षा की दलील मज़बूत नहीं है। पाकिस्तान ने ऐसे कोई विश्वसनीय सबूत नहीं दिए हैं कि उसके क्षेत्र में TTP के हमले, अफगान अधिकारियों द्वारा नियंत्रित या निर्देशित थे।
TTP और सीमा पार आतंकवाद
पाकिस्तान का दावा है कि उसने, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए तालिबान के कथित समर्थन के जवाब में, अफगानिस्तान में हमले किए हैं। वहीं अफ़ग़ान अधिकारी TTP को समर्थन देने से इनकार करते हैं। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि तालेबान सहित सभी अधिकारियों को TTP जैसे आतंकवादी समूहों को अपने क्षेत्र के बाहर जीवन के अधिकार के लिए ख़तरा पैदा करने से रोकना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून किसी भी देश को अपने क्षेत्र से अन्य देशों के ख़िलाफ़ आतंकवादी गतिविधियों को सहन करने या समर्थन देने की अनुमति नहीं देता है। विशेषज्ञों ने आगाह करते हुए कहा है कि नि:सन्देह अपने नागरिकों की रक्षा करना, देशों का कर्तव्य है, मगर यह पूरी तरह से अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का पालन करते हुए किया जाना चाहिए।
उन्होंने दोनों पक्षों से अन्तरराष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरे में डालने वाले तमाम विवादों का शान्तिपूर्ण समाधान निकाले जाने को कहा है। मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि वो इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार और अफगानिस्तान के अधिकारियों के सम्पर्क में हैं।
मानवाधिकार विशेषज्ञ
संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों की नियुक्ति जिनीवा स्थित मानवाधिकार परिषद करती है, वो यूएन स्टाफ़ नहीं होते हैं, वो अपनी व्यक्तिगत क्षमता में काम करते हैं और उनके कामकाज के लिए संयुक्त राष्ट्र से उन्हें कोई वेतन नहीं मिलता है।
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Publish Date: Wed, 25 Mar 2026 (18:13 IST)
Updated Date: Wed, 25 Mar 2026 (18:17 IST)