Publish Date: Fri, 15 May 2026 (11:36 IST)
Updated Date: Fri, 15 May 2026 (13:02 IST)
रूसी सैन्य बलों ने यूक्रेन में बीते 48 घंटों के दौरान बड़े पैमाने पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए हैं, जिससे वहां जानमाल की भीषण हानि हुई है। संयुक्त राष्ट्र ने इन सिलसिलेवार हमलों पर गहरा क्षोभ प्रकट करते हुए ध्यान दिलाया है कि आम नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया जाना होगा और उनकी सदैव रक्षा की जानी ज़रूरी है।
अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, रूस ने यूक्रेन पर 800 ड्रोन व 56 मिसाइलों से हमले किए, जो कि 24 फ़रवरी 2022 को शुरू हुए इस युद्ध के दौरान अब तक के सबसे गहन व लम्बे समय तक चलने वाले हमलों में हैं। यूक्रेन के अनेक इलाक़ों में लगभग 24 घंटों तक हमले जारी रहने की रिपोर्टें हैं।
इन ड्रोन व मिसाइल हमलों में एक 12 वर्षीय बच्चे समेत कम से कम 5 लोगों की जान गई है। गुरुवार को राजधानी कीव के रिहायशी इलाक़ों को भी निशाना बनाया गया है, जहां एक इमारत के मलबे में इस बच्ची का शव बरामद हुआ। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इन हमलों की वजह से अति आवश्यक सेवाओं में व्यवधान आया है, कीव के कुछ इलाक़ों में जल आपूर्ति ठप हो गई है और यातायात सीमित है।
इन हमलों में रिहायशी इमारतें, स्कूल, पशु चिकित्सा क्लीनिक और अन्य नागरिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं। इनके अलावा, क्रेमेनचुक में ऊर्जा संयंत्र और क्रोनोमॉर्स्क में बंदरगाह प्रतिष्ठान व रिहायशी इलाक़ों को भी निशाना बनाया गया।
गुरुवार को नए सिरे से हमले होने के ख़तरे के बावजूद संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायताकर्मियों व अधिकारियों ने बचाव प्रयासों में हिस्सा लिया। यूक्रेन में यूएन मानवतवादी समन्वयक बर्नाडेट कासेल-हॉलिन्ग्सवर्थ ने इन हमलों के बाद घटनास्थल से अपनी तीखी प्रतिक्रिया में कहा कि परिवारों को सदैव, सुरक्षित महसूस करना चाहिए।
माताओं को यह जानने की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए कि इन मिसाइल हमलों के बाद मलबे में उनके बच्चे जीवित हैं या फिर नहीं। यूएन की वरिष्ठ मानवीय सहायता अधिकारी ने दोहराया है कि अन्तरराष्ट्रीय मानव कल्याण क़ानून के तहत, आम नागरिकों की हमेशा रक्षा की जानी होगी और उन्हें कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
नागरिक भुगत रहे ख़ामियाज़ा
यूक्रेन में 2026 के पहले चार महीनों के दौरान हताहत होने वाले आम नागरिकों की संख्या पिछले तीन वर्ष इसी अवधि के दौरान हताहतों के आंकड़े से अधिक है। यूएन मानवाधिकार निगरानी मिशन (HRMMU) के अनुसार, इसकी एक बड़ी वजह लम्बी दूरी तक मार करने वाले हथियारों के इस्तेमाल में हुई विशाल बढ़ोतरी है।
इस वर्ष अप्रैल महीने में लम्बी दूरी के हथियारों से कम से कम 84 आम नागरिक मारे गए और 628 घायल हुए, जो कि कुल नागरिक हताहतों के 43 प्रतिशत हिस्से को दर्शाता है। यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) ने इन विशाल हमलों को फिर से शुरू किए जाने की भर्त्सना की है, जिसके परिणामस्वरूप देश में बड़ी संख्य में आम लोग हताहत हुए हैं।
उन्होंने गुरुवार को अपने एक वक्तव्य में कहा कि लम्बी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन में आम नागरिकों के हताहत होने की मुख्य वजह में से है। आबादी वाले इलाक़ों में इनके इस्तेमाल में विस्तार होने से आम नागरिकों को इसका दंश और भुगतना पड़ रहा है।