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एशिया : चक्रवाती तूफ़ानों, वर्षा और बाढ़ से भीषण विनाश, सैकड़ों लोग हताहत

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UN

, बुधवार, 3 दिसंबर 2025 (14:03 IST)
पूरे दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई अत्यधिक भारी वर्षा और कई विनाशकारी तूफ़ानों के क़हर से आई भीषण बाढ़ ने सैकड़ों लोगों की जानें लील ली हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। यूएन एजेंसियों ने कहा है कि इन मौसमी आपदाओं के कारण पूरे के पूरे समुदाय उजड़ गए हैं। यूएन महासचिव ने प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हार्दिक संवेदना व्यक्त की है और इन विनाशकारी बाढ़ों में प्रभावित तमाम लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है।
 
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाईलैंड और मलेशिया में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण जानमाल के भारी नुक़सान पर गहरा दुख प्रकट किया है। इन देशों में हाल के दिनों में चक्रवाती तूफ़ानों, भारी बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 1 हज़ार से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं और बहुत से अन्य लोग लापता हैं।
यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने एक वक्तव्य में कहा है कि यूएन महासचिव ने प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हार्दिक संवेदना व्यक्त की है और इन विनाशकारी बाढ़ों में प्रभावित तमाम लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है। प्रवक्ता ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र इन चारों देशों में सरकारी अधिकारियों के साथ सम्पर्क में है और राहत व बचाव कार्यों में समर्थन देने के लिए मुस्तैद है।
 
विश्व मौसम संगठन– WMO ने बताया है कि इंडोनेशिया, फ़िलीपींस, श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम में सबसे अधिक प्रभाव हुआ है। यूएन मौसम एजेंसी की प्रवक्ता क्लेयर नूलिस ने मंगलवार को जिनीवा में कहा कि एशिया, बाढ़ों से विनाश के लिए बहुत संवेदनशील क्षेत्र है और इस क्षेत्र में जलवायु सम्बन्धी आपदाओं में, बाढ़ सबसे ऊपर रहती है।
 
हाल के दिनों में सेनयार जैसे चक्रवाती तूफ़ानों के कारण, इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा और मलेशिया व थाईलैंड के अनेक इलाक़ों में मूसलधार बारिश, बाढ़ों और ज़मीन खिसकने व धंसने की घटनाएं हुई हैं। अलबत्ता इन इलाक़ों में इस तरह की घटनाएं कम ही देखी जाती हैं।
WMO की प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा अक्सर हम होते हुए ही देखा गया है और ऐसा होने का मतलब–बहुत गम्भीर असर के रूप में नज़र आता है, क्योंकि स्थानीय समुदायों को इस तरह की आपदाओं का सामना करने का कोई अनुभव नहीं है।
 
सैकड़ों हताहत, हज़ारों लापता
यूएन मौसम एजेंसी की प्रवक्ता क्लेयर नूलिस ने इंडोनेशिया के राष्ट्रीय आपदा कार्यालय के आंकड़ों का सन्दर्भ देते हुए बताया है कि इन मौसम आपदाओं में देश में 604 लोगों की मौत हो गई है और 464 लोग लापता हैं। 2 हज़ार 600 लोग घायल भी हुए हैं। इन घटनाओं में लगभग 15 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और क़रीब 5 लाख 70 हज़ार लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।
 
क्लेयर नूलिस ने वियतनामन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस दक्षिण एशियाई देश में हाल के सप्ताहों के दौरान भीषण मौसमी आपदाओं ने क़हर बरपाया है और अब भी भीषण वर्षा जारी थी। भारी बारिश ने अनेक स्थानों पर भीषण बाढ़ उत्पन्न कर दी है जिसने ऐतिहासिक स्थलों, लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में पानी भर दिया है और बहुत व्यापक नुक़सान पहुंचाया है।
WMO की प्रवक्ता के अनुसार, वियतनाम में अक्टूबर के अन्त में 24 घंटों के दौरान 1.73 मीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी जिसे देश के मौसमी इतिहास के मद्देनज़र बहुत अधिक गम्भीर माना गया था।
 
श्रीलंका
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष– UNICEF के प्रवक्ता रिकार्डो पाइरेस ने श्रीलंका में चक्रवाती तूफ़ान दित्वाह की आमद से हुई तबाही के बाद के हालात को तेज़ होती मानवीय आपदा क़रार दिया है। पिछले सप्ताह श्रीलंका के पूर्वी तटीय क्षेत्र में आए दित्वाह तूफ़ान से लगभग 14 लाख लोग प्रभावित हुए, जिनमें 2 लाख 75 हज़ार बच्चे हैं। चक्रवाती तूफ़ान दित्वाह के कारण श्रीलंका में राजधानी कोलम्बो समेत कई ज़िलों में भारी नुक़सान हुआ है।

रिकार्डो पाइरेस ने आगाह करते हुए कहा कि इस तूफ़ान ने देश में संचार व्यवस्था और सड़कों को बड़े पैमाने पर बाधित किया है इसलिए इस जलवायु आपदा से प्रभावित बच्चों की संख्या कहीं अधिक होने के अनुमान हैं।
 
प्रवक्ता ने कहा, तूफ़ान में बहुत से लोगों के घर बह गए हैं, पूरे के पूरे समुदाय अलग-थलग पड़ गए हैं और पानी, स्वास्थ्य देखभाल व स्कूल जैसी, बच्चों के लिए अत्यावश्यक सेवाएं बुरी तरह बाधित हुई हैं।
विस्थापित परिवारों को असुरक्षित व अत्यधिक भीड़ भरे आश्रय स्थलों में पहुंचना पड़ा है, जबकि बाढ़ और क्षतिग्रस्त हो चुकी जल प्रणालियां, बीमारियां फैलने का जोखिम बढ़ा रही हैं। यूनीसेफ़ प्रवक्ता ने प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए अतिरिक्त धनराशि जुटाए जाने की अपील की है।

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