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यूक्रेन युद्ध : बढ़ती मृतक संख्या से उपजी चिंताओं पर सुरक्षा परिषद की बैठक

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UN

, बुधवार, 10 दिसंबर 2025 (16:27 IST)
यूक्रेन युद्ध पर विराम लगाने और वहां शांति स्थापना के लिए नए सिरे से शुरू किए गए कूटनीतिक प्रयासों और उनसे जगी आशाओं के बावजूद वर्ष 2025 स्थानीय लोगों के लिए बहुत घातक साबित हुआ है। राजनीतिक एवं शान्तनिर्माण मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र की वरिष्ठ अधिकारी कायोको गोटोह ने यूक्रेन में रूसी सैन्यबलों के हमलों में आम नागरिकों की बढ़ती संख्या के मुद्दे पर बुलाई गई सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही है।
 
सुरक्षा परिषद के 6 सदस्य देशों के अनुरोध पर मंगलवार को सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है, जो कि यूक्रेन में हताहत होने वाले आम नागरिकों की बढ़ती संख्या और सर्दी के मौसम में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हो रहे हमलों की पृष्ठभूमि में हो रही है। इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी, नागरिक समाज के प्रतिनिधि, यूक्रेन और योरोपीय संघ के प्रतिनिधि सदस्य देशों को वर्तमान परिस्थितियों से अवगत कराएंगे।
यह बैठक एक ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन और योरोपीय सहयोगियों द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के 28 सूत्री शान्ति कार्यक्रम को समर्थन न मिल पाने से उस पर पुनर्विचार किया जा रहा है। यूक्रेन में शान्ति स्थापना के मुद्दे पर रूस की राजधानी मॉस्को और अमेरिका के फ़्लोरिडा में हुई बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। 
 
राजनीतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों के लिए यूएन कार्यालय में योरोप व मध्य मामलों के लिए निदेशक कायोको गोटोह ने बताया कि कूटनीतिक प्रयासों के इर्दगिर्द कुछ हद तक आशावाद की भावना जगी थी, लेकिन 2025 यूक्रेन के आम लोगों के लिए बेहद घातक साबित हुआ है।
 
हताहत होने वाले आम नागरिकों की संख्या में 2024 की तुलना में इस वर्ष जनवरी और नवम्बर महीनों के दौरान 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। रूसी सैन्यबलों द्वारा यूक्रेन के अनेक हिस्सों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में आई तेज़ी इसकी वजह है।
यूक्रेन के अनेक शहरों व क्षेत्रों में पिछले कई सप्ताह से मिसाइल व ड्रोन हमले किए जा रहे हैं, जिनमें आम नागरिक हताहत हुए हैं, रिहायशी इलाक़ों को भारी नुक़सान हुआ है, घर व इमारतें ध्वस्त हो गई हैं और महत्वपूर्ण ऊर्जा संयंत्रों को गहरी क्षति पहुंची है।
 
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन के अनुसार, फ़रवरी 2022 में रूसी सैन्यबलों द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण स्तर के आक्रमण के बाद से अब तक 14,775 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 755 बच्चे हैं। 39 हज़ार से अधिक लोग घायल हुए हैं। ये संख्या केवल सत्यापित हो चुके हताहतों को ही दर्शाती है। वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।
 
टकराव में खतरनाक तेज़ी
उन्होंने कहा कि नागरिक आबादी और बुनियादी ढांचों पर हमले अन्तरराष्ट्रीय क़ानून में निषिद्ध हैं और इस विषय में पहले भी अनेक बार यूएन अधिकारियों ने अपनी चिन्ताएं व्यक्त की हैं। निदेशक कायोको गोटोह ने कहा कि यह अस्वीकार्य है और इन्हें रोका जाना होगा, चाहे उन्हें कभी भी अंजाम दिया गया हो।
उन्होंने अनेक घटनाओं का उल्लेख किया, जो कि टकराव में खतरनाक तेज़ी के चक्र की ओर एक बढ़ाए गए एक और क़दम को दर्शाती हैं। इनमें अनेक योरोपीय देशों के वायुक्षेत्र का बार-बार उल्लंघन होना, काला सागर जल क्षेत्र में जहाज़रानी और बन्दरगाह सम्बन्धी ढांचे में हुई घटनाएं और ज़ैपोरिझझिया परमाणु ऊर्जा प्लांट के इर्दगिर्द हो रहे हमले समेत अन्य मामले हैं।
 
योरोप एवं मध्य एशिया मामलों की प्रमुख ने कहा कि इन परिस्थितियों में यूक्रेन के लोगों ने इस युद्ध के भयावह नतीजों का सामना करने में असाधारण सहनसक्षमता का परिचय दिया है। साथ ही वे एक शान्तिपूर्ण, लोकतांत्रिक और समृद्ध भविष्य को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
 
कायोको गोटोह ने उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में कूटनीतिक प्रयासों के ज़रिए वार्ता की मेज़ पर इस युद्ध का अन्त होगा और लड़ाई के रुकने से आम लोगों के जीवन की रक्षा हो सकेगी। 
 
सहानुभूति के साथ ठोस कदम भी ज़रूरी
आपात राहत मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र उप समन्वयक जॉयस म्सूया ने कहा कि यूक्रेन के आम लोगों के पास बेहतर परिस्थितियों की प्रतीक्षा करने का विशेषाधिकार नहीं है। युद्ध में आई तेज़ी के बाद से यह उनके लिए कड़ी सर्दी का चौथा मौसम है, जिसे वे गोलाबारी और अंधेरे में गुज़ारने के लिए मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि यूक्रेनी नागरिकों को सुरक्षा परिषद से केवल सहानुभूति भरे शब्दों की नहीं, बल्कि ठोस क़दमों की भी आवश्यकता है ताकि उन्हें पहुंच रहे नुक़सान में कमी लाई जा सके और उनकी जीवनरक्षा के लिए आवश्यक मानवीय सहायता अभियान की रक्षा की जा सके।
 
जॉयस म्सूया ने सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से तीन आग्रह किए :
- आम नागरिकों की रक्षा के लिए युद्ध के नियमों के पालन को सुनिश्चित करना होगा।
- मानवीय सहायता को ज़रूरतमन्द आबादी तक सुरक्षित ढंग से बेरोकटोक पहुंचने देना होगा।
- तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के इरादे से सहायता अभियान को धनराशि मुहैया करानी होगी।

यूक्रेन में सर्दी के मौसम के दौरान 27.8 करोड़ डॉलर की सहायता अपील जारी की गई थी, जिसमें से अब तक केवल 65 फ़ीसदी धनराशि ही प्राप्त हो पाई है। इस वजह से तापन व्यवस्था के लिए सहायता, नक़दी समर्थन, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं व संरक्षण कार्यक्रमों में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

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