Publish Date: Wed, 11 Feb 2026 (13:41 IST)
Updated Date: Wed, 11 Feb 2026 (13:45 IST)
United Nations News : ग़ाज़ा पट्टी में बीते 24 घंटों में फिर से हुए हवाई हमलों और बमबारी की वजह से आम फिलिस्तीनियों के लिए जोखिम बढ़ा है, जो पहले ही पिछले कई महीनों से कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया कि उनकी मौजूदा क्षमता व सहायता मार्ग की सुलभता को ध्यान में रखते हुए मानवीय आवश्यकताओं को पूरा करना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने न्यूयॉर्क में बताया कि ग़ाज़ा में हवाई हमलों, बमबारी, गोलाबारी की ख़बरें हैं, जिन्हें समुद्र से भी किया गया। रिहायशी इलाक़ों में गोलीबारी हुई है। उन्होंने कहा कि हिंसा की वजह से आम नागरिकों के लिए जोखिम क़ायम है, जो पिछले 28 महीनों से अधिक समय से विकट परिस्थितियों में जीवन गुज़ार रहे हैं।
यूएन प्रवक्ता ने ध्यान दिलाया कि अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के तहत आम नागरिकों को संरक्षण प्राप्त है, चाहे वे कहीं भी हों। चाहे वे सैन्य तौर पर चिन्हित रेखाओं को भी पार करें या उनके पास हों। आम नागरिकों की हमेशा रक्षा की जानी होगी, सैन्य कार्रवाई के दौरान भी और उन्हें बचाने के लिए निरन्तर ध्यान देना होगा।
इस बीच, यूएन एजेंसियों ने बताया है कि ग़ाज़ा में अति आवश्यक सेवाओं को बहाल करने की दिशा में प्रगति हुई है। साझेदार संगठनों के अनुसार, पिछले सप्ताह 5,600 परिवारों को क़रीब एक सप्ताह के भीतर आपात आश्रय सहायता प्रदान की गई। 5 हज़ार से अधिक तिरपाल और 12 हज़ार से अधिक बिस्तर वितरित किए गए। पिछले एक महीने में 85 हज़ार से अधिक परिवारों के लिए 8 हज़ार टैंट की व्यवस्था की गई थी।
फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन एजेंसी (UNRWA) के अनुसार, डेयर अल बलाह में कई महीनों तक बन्द रहने के बाद, बुरेज स्वास्थ्य केन्द्र को खोला गया है। इस केन्द्र पर अब प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, मातृत्व स्वास्थ्य सेवाएं, लैब परीक्षण और दांतों की देखभाल उपलब्ध है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मरीज़ अब भी उपचार सेवाओं तक पहुंच की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ग़ाज़ा में अति महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अब भी उपलब्ध नहीं हैं।
यूएन प्रवक्ता ने बताया कि फ़िलहाल शीर्ष प्राथमिकता स्थानीय सेवाओं के स्तर को बढ़ाना, क्षतिग्रस्त केन्द्रों को फिर से बहाल करना और अहम देखभाल सेवाओं का विस्तार करना। इसके लिए और अधिक मात्रा में मेडिकल सामान की आवश्यकता होगी। मगर इनमें वे उपकरण व सामग्री भी हैं, जिन्हें इसराइली प्रशासन से अनुमति मिल पाना कठिन है, जैसे कि एक्स-रे मशीन और प्रयोगशाला में काम आने वाले उपकरण।