Publish Date: Fri, 29 May 2026 (23:29 IST)
Updated Date: Fri, 29 May 2026 (23:36 IST)
जून महीने में टैक्स भुगतान से लेकर शेयर बाजार में निवेश और डिजिटल बैंकिंग तक कई बड़े वित्तीय नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इनका आपके रोजमर्रा जीवन पर भी प्रभाव पड़ेगा। जानिए कौनसे नियम बदल रहे हैं।
बैंकिंग और UPI में बड़े बदलाव
डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए National Payments Corporation of India (NPCI) एक बड़ा ट्रांसपेरेंसी फीचर लागू कर रहा है। अब जब भी कोई यूजर QR कोड स्कैन करेगा या मोबाइल नंबर डालकर भुगतान करेगा, UPI ऐप्स स्क्रीन पर सीधे बैंक में रजिस्टर्ड रिसीवर का सत्यापित नाम दिखाएंगे। इस बदलाव के बाद फर्जी निकनेम और अनवेरिफाइड टैग हट जाएंगे, जिससे ऑनलाइन ठगी करना काफी मुश्किल हो जाएगा।
ईपीएफ में बदलाव
कर्मचारी भविष्य निधि (Employees' Provident Fund Organisation) एक नए सिस्टम का परीक्षण कर रहा है, जिसके जरिए UPI से तुरंत PF निकासी की सुविधा मिल सकती है। यह मौजूदा प्रक्रिया की तुलना में कहीं तेज होगी। हालांकि रोजमर्रा की बैंकिंग थोड़ी महंगी हो सकती है, क्योंकि कई कमर्शियल बैंक ATM से कैश निकासी, मिनी स्टेटमेंट और बैलेंस पूछताछ जैसी सेवाओं पर शुल्क बढ़ा रहे हैं।
एडवांस टैक्स की अंतिम तारीख
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून तय की गई है। जिन करदाताओं की अनुमानित नेट टैक्स देनदारी ₹10,000 से अधिक है, उन्हें 15% एडवांस टैक्स जमा करना अनिवार्य होगा। देरी होने पर हर महीने 1% की दर से पेनल्टी भी देनी पड़ेगी। खास बात यह है कि यह पहला एडवांस टैक्स चक्र होगा, जो पूरी तरह नए Income Tax Act 2025 और Income Tax Rules 2026 के तहत संचालित होगा।
SEBI का 50:50 मार्जिन नियम लागू
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडर्स के लिए SEBI का 50:50 कैश-टू-कोलेटरल मार्जिन नियम पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके तहत ट्रेडिंग मार्जिन का कम से कम 50% हिस्सा नकद या नकद समकक्ष साधनों में रखना अनिवार्य होगा। अब ट्रेडर्स केवल गिरवी रखे गए शेयरों के आधार पर पूरा मार्जिन नहीं दिखा सकेंगे।
सोलर पॉलिसी में सख्ती
भारत में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 1 जून से सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। नए सोलर पैनल नियमों के तहत सभी सरकारी सहायता प्राप्त, सब्सिडी वाले या नेट-मीटरिंग आधारित सोलर इंस्टॉलेशन में केवल Approved List of Models and Manufacturers (ALMM) में शामिल सोलर मॉड्यूल का ही इस्तेमाल करना होगा। सरकार की ओर से किसी अतिरिक्त समय सीमा की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने वाली इस नीति के कारण फिलहाल सोलर सिस्टम लगाने की लागत बढ़ सकती है।
LPG सिलेंडर के दाम
देश की सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG गैस सिलेंडरों के दामों की समीक्षा करती है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए 1 जून को कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों के नए दाम जारी किए जाएंगे। Edited by : Sudhir Sharma
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