Publish Date: Fri, 13 Feb 2026 (21:44 IST)
Updated Date: Fri, 13 Feb 2026 (21:56 IST)
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था, धार्मिक परंपराओं और विपक्ष के रुख को लेकर तीखे बयान दिए। प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान हुई घटना पर बोलते हुए कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। CM योगी ने कहा कि शंकराचार्य का पद अत्यंत सम्मानित है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि कोई भी नियमों और मर्यादाओं को ताक पर रख दे।
उन्होंने कानून की सर्वोच्चता पर जोर देते हुए कहा कि कानून किसी के लिए अलग नहीं होता और किसी को भी नियमों के उल्लंघन की इजाजत नहीं दी जा सकती. कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। अगर वे शंकराचार्य थे तो क्यों आप लोगों ने लाठीचार्ज किया था वाराणसी में? सीएम योगी ने शुक्रवार को विधानसभा में समाजवादी पार्टी के नेताओं को जमकर आड़े हाथ लिया।
आपको पूजना है तो पूजें
मुख्यमंत्री ने कहा कि ने कहा कि आपको पूजना है सपा के लोग तो पूजें, लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं, कानून का शासन पर विश्वास करते हैं. कानून का पालन करना भी जानते हैं और पालन करवाना भी जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेले में जहां 4.5 करोड़ श्रद्धालु मौजूद हों, वहां किसी भी मार्ग को जाम नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रतिबंधित मार्ग से जबरन अंदर जाने की कोशिश करता है तो वहां भगदड़ जैसी जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती था, जो किसी भी 'मर्यादित व्यक्ति' को शोभा नहीं देती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के नेता दुर्योधन की प्रतिमा लगाने की वकालत करते हैं। वे बाबर की कब्र में सजदा का समर्थन, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करते हैं। सीएम ने संसद में कांग्रेस व सपा के सांसदों की बातों का जिक्र किया और कहा कि हिंदुस्तान का खाएंगे, लेकिन वंदे मातरम नहीं गाएंगे। Edited by : Sudhir Sharma