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योगी सरकार की इस स्कीम ने बदली तकदीर, आजमगढ़ अवनीश ने खड़ी कर दी डिजिटल लाइब्रेरी की पूरी चेन

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CM Yuva Udyami Vikas Abhiyan
उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहा है। आजमगढ़ के 25 वर्षीय अविनाश सिंह इसकी सशक्त मिसाल बनकर उभरे हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने सरकारी योजना का लाभ उठाकर न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित किया, बल्कि पांच युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया।
 
अधिकारियों से मिला मार्गदर्शन
बीएससी गणित की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी करने वाले अविनाश एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। परिवार में माता-पिता तथा पांच भाई बहन हैं। बड़ा बेटा होने के कारण घर की आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। परिवार की सीमित आय और भविष्य की चिंताओं के बीच उन्होंने रोजगार की तलाश के बजाय उद्यमिता का रास्ता चुना। जनवरी 2025 में उन्हें ऑनलाइन माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने जिला उद्योग केंद्र में संपर्क किया और आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन प्रक्रिया पूरी की। अधिकारियों के मार्गदर्शन से उनका आवेदन शीघ्र स्वीकृत हुआ।
 
बिना गारंटी मिला 5 लाख का लोन
फरवरी 2025 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से उन्हें पांच लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। यह ऋण बिना किसी गारंटी और बिना कुछ गिरवी रखे मिला। 21 फरवरी को पहली किस्त के रूप में 2 लाख 57 हजार रुपये और एक सप्ताह बाद दूसरी किस्त के रूप में 1 लाख 53 हजार रुपये सीधे उनके खाते में जमा किए गए। योजना के तहत ब्याज में भी विशेष राहत प्रदान की गई। प्राप्त राशि से अविनाश ने आजमगढ़ में ‘विद्या डिजिटल लाइब्रेरी’ की स्थापना की। यहां छात्रों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों के माध्यम से ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा दी जाती है। क्षेत्र के विद्यार्थियों को शांत और तकनीकी रूप से सुसज्जित वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। वर्तमान में इस उद्यम से उन्हें प्रतिमाह 30 हजार रुपये से अधिक की आय हो रही है, साथ ही वे नियमित रूप से 10 हजार रुपये से अधिक की मासिक किस्त जमा कर रहे हैं।
 
सफलता से मिला उत्साह, तीसरी लाइब्रेरी शुरू करेंगे
व्यवसाय की सफलता से उत्साहित होकर अविनाश ने आजमगढ़ में ही दूसरी डिजिटल लाइब्रेरी भी शुरू कर दी। अब वे वर्ष के मध्य तक प्रयागराज में तीसरी शाखा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। अल्प समय में मिली सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है। अविनाश का कहना है कि यदि युवा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करें, तो आत्मनिर्भरता का लक्ष्य दूर नहीं है। उनका मानना है कि यह अभियान उन युवाओं के लिए अवसर का द्वार है जो स्वयं का व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं। अविनाश की यात्रा यह दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और परिश्रम के बल पर युवा न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि समाज में रोजगार सृजन की नई राह भी खोल सकते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

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