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प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ें प्रदेशवासी, ईंधन की खपत कम करें, अनावश्यक न करें सोने की खरीदारी : योगी आदित्यनाथ

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Chief Minister Yogi gave these instructions to state government regarding appeal of Prime Minister Narendra Modi
- मुख्यमंत्री योगी दिया निर्देश- मुख्यमंत्री, मंत्रियों आदि की फ्लीट में की जाए 50 प्रतिशत की कमी 
- मुख्यमंत्री का कॉन्फ्रेंस, सरकारी बैठकों, सेमिनार आदि के वर्चुअली आयोजन पर रहा जोर 
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिवों की ली बैठक
- मुख्यमंत्री ने पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट आदि के उपयोग पर दिया जोर
- मुख्यमंत्री ने वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को प्राथमिकता देने की अपील की
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कहा कि ईंधन की खपत कम करें और अनावश्यक सोने की खरीद न करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को प्रदेश में व्यावहारिक रूप से अपनाए जाने की अपील की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव की बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री व मंत्रियों आदि की फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी की जाए। काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को भी प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों आदि के उपयोग पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री जी का सरकारी बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप आदि के वर्चुअली आयोजन पर जोर रहा। 
 
मुख्यमंत्री जी ने वैश्विक हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री जी के आह्वान से प्रदेशवासियों को जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया में उथल-पुथल है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी होगी। प्रधानमंत्री जी के आह्वान का पालन करने के लिए राज्यों को तैयार रहना होगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए। इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें। 
 
औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए। वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। 
 
शिक्षा विभाग के सेमिनारों, बैठकों, वर्कशॉप समेत सरकारी बैठकों आदि का आयोजन वर्चुअली माध्यम से किया जाए। राज्य सचिवालय/निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें भी वर्चुअली की जाएं। स्कूल-कॉलेजों में स्कूली बस के प्रयोग को प्रोत्साहित करें। आवश्यकता पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को भी स्कूलों से जोड़ा जाए। पीक ऑवर में ईंधन का उपयोग कम करने के लिए कार्यालय समय को अलग-अलग बैचों में बांटा जा सकता है। 
मुख्यमंत्री जी ने सार्वजनिक परिवहन, साइक्लिंग, कार पूलिंग, ईवी के प्रयोग पर जोर दिया। कहा कि जिन शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है, वहां लोग इसका अधिकतम प्रयोग करें। अधिक मांग वाले मार्गों पर बस समेत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं को बढ़ाया जाए। 
 
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विद्युत बचाने की भी अपील की। साथ ही कहा कि सरकारी भवनों, घरों, निजी प्रतिष्ठानों आदि में अनावश्यक बिजली का प्रयोग न हो। निजी प्रतिष्ठानों/व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स आदि में रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का न्यूनतम प्रयोग हो।  मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक साइकिलिंग शेयरिंग योजना को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अगले छह माह तक गैर आवश्यक विदेशी यात्राएं न करें।

सीएम ने नागरिकों, वेडिंग प्लानर्स आदि से देश में ही आयोजन करने की अपील की। कहा कि यूपी में भी हैरिटेज, ईको साइट्स, किले समेत अनेक अच्छे स्थल हैं, वहां भी डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा दें। विजिट माई स्टेट अभियान शुरू किया जाए, जिसमें वेलनेस, ईको, ग्रामीण, वन्यजीव तथा खानपान पर आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिले। यूपी पहला राज्य है, जिसने 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन' को लागू किया। सीएम ने संग्रहालयों, स्मारकों आदि को कुछ समय निःशुल्क किए जाने का निर्देश दिया। 
पर्यटन विभाग होटल, एयरलाइंस, टूर ऑपरेटर, ट्रेवल एजेंट आदि के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दे। उन्होंने कहा कि दुनिया में जहां भी उत्तर प्रदेश के प्रवासी नागरिक हैं, उन्हें प्रदेश में घूमने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए शॉपिंग फेस्टिवल, हेरिटेज टूर, गोशाला, टेंपल आदि का दर्शन कराएं। स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रयोग को बढ़ावा दें। 
 
त्योहारों, शादियों समेत विभिन्न आयोजनों में भारत में बने उपहारों, उत्पादों, हस्तशिल्प सामग्रियों को बढ़ावा दें। राज्य सरकार की ओऱ से ओडीओपी तथा जीआई टैग प्राप्त उत्पादों को उपहार के रूप में दिया जाए। स्वदेशी को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खाद्य तेल के उपयोग में कमी लाने का आग्रह किया। स्वास्थ्य, घरेलू बचत व आयात पर निर्भरता कम करने के लिए यह कदम जरूरी है। नाट्य श्रृंखलाओं के जरिए लोगों को जागरूक करें। 
 
स्वास्थ्य विभाग पोषण जागरूकता शिविर लगाए। इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। स्कूलों, कॉलेजों, जिला, निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज, सरकारी कैंटीन, मिड डे मील, जेल, छात्रावास, पुलिस मेस आदि में भी खाद्य सामग्रियों में तेल के कम प्रयोग पर जोर दिया। स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारी होटल, हलवाई, रेस्तरां, ढाबा, स्ट्रीट फूड आदि के यूनियन के साथ संवाद स्थापित कर कम तेल वाले खाद्य पदाथों को बढ़ावा देने पर जोर दें।
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सीएम ने कृषि विभाग को नेचुरल फॉर्मिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिया। प्रदेश की गोशालाओं में 14-15 लाख गोवंश हैं, इनके गोबर का भी उपयोग किया जाए। सीएम ने फॉर्मर रजिस्ट्री पर विशेष जोर दिया। सीएम ने सोने की अनावश्यक खरीद से बचने का आग्रह किया। कहा कि प्रशासन स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन, व्यापारियों आदि के साथ भी बैठक कर उनकी चिंताओं को दूर करे।

प्रदेश में पीएनजी नेटवर्क का मिशन मोड पर विस्तार करें। इसके कनेक्शन को बढ़ाने पर जोर दें। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के साथ भी बैठक करें। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहित करें। इसके जरिए रूफटॉप सोलर को अपनाए जाने के लिए लोगों को प्रेरित करें।
Edited By : Chetan Gour

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