rashifal-2026

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

समष्टि के भाव के साथ जोड़ने की प्रेरणा देता है भारत का संविधान : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस पर अपने आवास पर झंडा फहराया, प्रदेशवासियों को दी शुभकामना, कहा- देश के संकल्पों को बढ़ाने में मददगार होगा ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव

Advertiesment
हमें फॉलो करें CM Yogi

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, सोमवार, 26 जनवरी 2026 (15:28 IST)
Republic Day celebrations in UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस पर सोमवार को अपने सरकारी आवास पर झंडा फहराया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। सीएम योगी ने कहा कि 1950 में आज ही के दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। 76 वर्ष की इस यात्रा में संविधान ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन इन सबके बावजूद ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्पों के अनुरूप उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक प्रत्येक भारतवासी के गौरव, भारत की एकात्मता और अखंडता के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए हम सब नए भारत का दर्शन कर रहे हैं तो इसमें संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत का संविधान समष्टि के भाव के साथ जोड़ने की प्रेरणा देता है। 

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों को किया याद 

सीएम योगी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में स्वाधीनता आंदोलन ने नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं। भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, वर्तमान भारत के शिल्पकार लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, क्रांतिकारियों के सिरमौर नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले भारत के महान सपूतों को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम योगी ने उनकी स्मृतियों को नमन किया। 
 

सम-विषम परिस्थितियों में देश का संबल बना संविधान 

सीएम योगी ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में संविधान सभा के निर्माण के उपरांत 26 नवंबर 1949 को भारत ने अपने संविधान को अंगीकार किया। आज पूरा देश 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में आयोजित करता है। हर भारतवासी का दायित्व बनता है कि हम अपने संविधान के प्रति श्रद्धा व समर्पण भाव से कार्य करें, क्योंकि सम-विषम परिस्थितियों में यह देश का संबल बना है। संविधान की पंक्ति "हम भारत के लोग" हर भारतवासी के लिए प्रेरणा है। भारत के संविधान का असली संरक्षक कोई है, तो यहां का नागरिक है। भारत के नागरिकों के प्रति हर संस्था, मंत्रालयों व विभागों को अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। यह संविधान के प्रति हमारे समर्पण के भाव को व्यक्त करता है। 
webdunia
 

संविधान के प्रति श्रद्धा व समर्पण का भाव रखे 

सीएम योगी ने कहा कि जब भी हम संविधान की मूल भावनाओं का अनादर करते हैं, तो भारत मां के उन महान सपूतों का भी अनादर करते हैं, जिनके दम पर देश स्वतंत्र हुआ। हर नागरिक का यह दायित्व है कि संविधान के प्रति श्रद्धा व समर्पण भाव रखे। हमारे लिए यह पवित्र दस्तावेज है, जो हर विपरीत परिस्थितियों में हमारा मार्गदर्शक होगा। भारत को एकता व अखंडता के सूत्र में बांधने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक तक न्याय, बंधुता व समता के एक भाव को लागू करने के अभियान को भी बढ़ाने का काम जारी रखना होगा। 
 

संविधान के तीन शब्दों- न्याय, समता व बंधुता का भी जिक्र 

सीएम योगी ने कहा कि न्याय, समता व बंधुता, संविधान के तीन शब्द हैं। हर नागरिक को बिना भेदभाव न्याय मिले। जाति, मत-मजहब, भाषा व क्षेत्र के आधार पर भेदभाव न हो। परस्पर समता व बंधुता का माहौल आगे बढ़ेगा तो भारत को विकसित बनाने के पीएम मोदी के अभियान को कोई नहीं रोक सकता। विकसित भारत की संकल्पना हर भारतवासी के लिए गौरव का क्षण होना चाहिए। क्योंकि, यह सिर्फ देश की आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि हर नागरिक की खुशहाली और उसकी कई गुना समृद्धि का दिन होगा। लेकिन, इसका रास्ता समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्तियों से प्रारंभ होता है और यह यात्रा उन नागरिकों के माध्यम से बढ़नी चाहिए। इससे हर स्तर पर आत्मनिर्भरता के भाव से आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है।
 

तीन शब्दों ने भारत के संविधान को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया 

सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि इन तीन शब्दों ने भारत के संविधान को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित करने में सबसे बड़ी भूमिका का निर्वहन किया है। आजादी के पूर्व देश को सामाजिक रूप से तोड़ने के लिए अनेक दुष्चक्र प्रारंभ हुए थे। देश को विभाजित करने के लिए भाषाई, क्षेत्र व जाति के आधार पर अनेक षडयंत्र रचे गए थे, लेकिन ये षडयंत्र अधिक दिन तक टिक नहीं पाए। जब भी संविधान के मूल भाव को कमजोर करने की साजिश होती है तो कहीं न कहीं से एक सुगबुगाहट भी शुरू हो जाती है। यह उन भावों को कमजोर करती है, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत हों। भारत का संविधान समष्टि के भाव के साथ जोड़ने की नई प्रेरणा देता है। 
webdunia

देश के संकल्पों को बढ़ाने में मददगार होगा ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव 

सीएम ने कहा कि कोई व्यक्ति खुद को न्याय, संविधान व व्यवस्था से ऊपर मानता है तो वह भारत के संविधान की अवमानना करता है। कोई व्यक्ति यह कहेगा कि मैं जो कहूंगा, वही सही है, यह नहीं चल सकता। आज का दिन भारत के संविधान के प्रति समर्पण भाव के साथ बढ़ने और उन संकल्पों को आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा का दिवस है। सभी प्रदेशवासी भारत के संविधान को सम्मान देते हैं। सीएम योगी ने राष्ट्रनायकों के ध्येय ‘राष्ट्र प्रथम’ का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्र प्रथम भाव का दस्तावेज संविधान के रूप में हमारे सामने है। यह देश के संकल्पों को आगे बढ़ाने में मददगार होगा।

राज्यपाल आनंदी बेन ने फहराया ध्वज

77वें गणतंत्र दिवस पर राजधानी लखनऊ में विधान भवन के सामने मुख्य समारोह का भव्य आयोजन किया गया। परंपरा के अनुसार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रध्वज फहराया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में परेड की सलामी ली। इस दौरान हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा और देशभक्ति के गीतों से पूरा परिसर गणतंत्र दिवस के रंग में रंगा नजर आया। 
 
समारोह में प्रस्तुत परेड ने अनुशासन, समर्पण व साहस का संदेश दिया। भारतीय थल सेना की विभिन्न रेजिमेंटों की टुकड़ियों और उनके ब्रास बैंड के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, पीएसी की 32वीं एवं 35वीं वाहिनी, महिला पीएसी बल, प्रांतीय रक्षा दल तथा एनसीसी कैडेटों ने सधी हुई कदमताल के साथ मार्च किया। इस वर्ष विशेष रूप से शामिल हरियाणा पुलिस के दस्ते ने अंतर-राज्यीय सहयोग और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक प्रस्तुत किया।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

CM योगी ने गणतंत्र दिवस पर विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों का किया सम्मान