Publish Date: Mon, 09 Mar 2026 (18:32 IST)
Updated Date: Mon, 09 Mar 2026 (18:35 IST)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिका शिक्षा को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में अध्ययनरत बेटियों के लिए सुरक्षित, अनुशासित और प्रेरक आवासीय वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रतापगढ़, गाजियाबाद और अयोध्या में वार्डनों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत छात्रावास प्रबंधन, बालिका सुरक्षा और नेतृत्व क्षमता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण एनआईईपीए (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन) तथा भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
वार्डनों की नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन कौशल में आएगा निखार
प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में वार्डनों की भूमिका, दायित्वों और छात्रावास प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से अंडर सेक्रेटरी रामनिवास ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि उन बेटियों के लिए अवसर का मंच हैं जो सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आती हैं। ऐसे में वार्डनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे छात्राओं के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और अनुशासित वातावरण सुनिश्चित करने की अग्रिम पंक्ति में होती हैं। यह प्रशिक्षण वार्डनों की नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन कौशल और बालिका संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को और सुदृढ़ करेगा।
बालिका सुरक्षा, बाल संरक्षण, जीवन कौशल, नेतृत्व विकास का प्रशिक्षण
इस अवसर पर एनआईईपीए की ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सांत्वना मिश्रा तथा उनकी टीम भी प्रशिक्षण सत्र में शामिल हुई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान वार्डनों को बालिका सुरक्षा, बाल संरक्षण, जीवन कौशल, नेतृत्व विकास, परामर्श, मानसिक-सामाजिक सहयोग, छात्रावास प्रबंधन तथा संवेदनशील विद्यालय वातावरण के निर्माण से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक और नीतिगत दृष्टिकोण के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा।
1 अप्रैल तक आयोजित होंगे बैच
प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न बैच में आयोजित किया जा रहा है। गाजियाबाद और अयोध्या में प्रथम बैच 9 मार्च से 13 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसके बाद क्रमशः 16 से 20 मार्च, 23 से 27 मार्च तथा 28 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक अन्य बैच आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार अन्य केंद्रों पर भी चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से वार्डन प्रतिभाग कर रही हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार यह प्रशिक्षण केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को बालिका सुरक्षा, संवेदनशीलता और नेतृत्व विकास के सशक्त केंद्रों के रूप में विकसित करना है। इससे विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को एक सुरक्षित, आत्मविश्वासपूर्ण और प्रेरक वातावरण मिलेगा, जो उनके समग्र व्यक्तित्व के विकास और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनेगा। Edited by : Sudhir Sharma