मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश योगी आदित्यनाथ ने सरधना क्षेत्र स्थित मेजर ध्यानचन्द खेल विश्वविद्यालय परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण एवं संचालन से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के परिधान, प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं ध्वज का लोकार्पण भी किया।
समीक्षा बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष विश्वविद्यालय की अब तक की प्रगति, शैक्षणिक संरचना, प्रस्तावित पाठ्यक्रम एवं डिग्रियां, बजट प्रावधान, गत 8 माह की उपलब्धियां, शैक्षणिक, गैर-शैक्षणिक एवं प्रशासनिक पदों पर भर्ती की स्थिति तथा भावी कार्ययोजना की विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय के प्रथम एवं द्वितीय चरण के समस्त निर्माण कार्यों को 31 मई 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि विश्वविद्यालय के शीघ्र लोकार्पण की तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हों तथा अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि आगामी वर्षा ऋतु में विश्वविद्यालय परिसर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए। साथ ही विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट फैकल्टी की तैनाती सुनिश्चित करने, पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की सेवाएं कोच के रूप में लेने तथा एक नई और सशक्त खेल संस्कृति विकसित करने पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गंगनहर के तट पर लगभग 100 एकड़ क्षेत्रफल में प्रदेश की प्रथम खेल विश्वविद्यालय की स्थापना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों द्वारा की गई थी। सरकार द्वारा प्रथम चरण में ₹250 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, जिसका कार्य मार्च में पूर्ण होने की दिशा में है। वहीं द्वितीय चरण के अंतर्गत ₹200 करोड़ से अधिक की लागत के नए प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। अगस्त 2025 से विश्वविद्यालय के अपने पाठ्यक्रम प्रारंभ हो चुके हैं, जो वर्तमान में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में संचालित हो रहे हैं। आगामी सत्र से कक्षाएं विश्वविद्यालय के स्वयं के परिसर में संचालित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य इस विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय खेल विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार खेल एवं खेल संस्कृति को तेजी से प्रोत्साहित कर रही हैं। विश्वविद्यालय को केन्द्र बनाकर प्रदेश की प्रत्येक कमिश्नरी में एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां से अनेक खिलाड़ी ओलंपिक सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए खेल प्रोत्साहन में सक्रिय निजी खेल अकादमियों को भी राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री के “विकसित भारत” के विजन को खेल के क्षेत्र में साकार करेगा तथा खेल शिक्षा एवं प्रशिक्षण के नए मानक स्थापित करेगा। ग्राम पंचायत, ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर स्टेडियमों के निर्माण, विधायक खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं ग्रामीण लीग आयोजनों से प्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊंचाई मिली है। सरकार के समग्र प्रयासों से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और आने वाले वर्षों में प्रदेश के युवा वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ, जो स्वतंत्रता संग्राम की क्रांतिधरा रही है, आज खेल के क्षेत्र में भी नेतृत्व देने की ओर अग्रसर है। “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट” योजना के अंतर्गत खेल सामग्री को मेरठ का उत्पाद बनाए जाने के साथ ही मेजर ध्यानचन्द खेल विश्वविद्यालय का निर्माण इस क्षेत्र को नई पहचान प्रदान करेगा।