आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कार्रवाई पर जवाब देते हुए कहा कि क्या ट्रांसफर कोई कार्रवाई है? आईएएस कर्मचारी का हर 2 से 3 साल में तबादला होता है। नोएडा में सीईओ के रूप में लोकेश एम को 2.5 साल पूरे हो चुके थे। उन्होंने कहा कि नोएडा के डीएम मेधा रूपम जो कि एसडीआएफ और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जिम्मेदार है। उन्हें बचाया जा रहा है।
एक अन्य पोस्ट में आप नेता ने दावा किया कि सरकार ने नोएडा सीईओ का तबादला इसलिए किया है क्योकि नोएडा डीएम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं। भाजपा सरकार उन्हें बचाने के लिए अन्य अधिकारियों को सस्पेंड भी कर सकती है।
गौरतलब है कि गुरुग्राम की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत 27 वर्षीय युवराज मेहता शनिवार को अपने घर लौट रहे थे। घने कोहरे के कारण सड़क पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। अचानक उनकी कार एक टूटी हुई बाउंड्री वॉल को पार करते हुए 20-30 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी।
यह गड्ढा कोई प्राकृतिक आपदा नहीं था, बल्कि एक निर्माणाधीन कमर्शियल प्रोजेक्ट का बेसमेंट था, जिसे बिना किसी पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम के खुला छोड़ दिया गया था। कार डूबने लगी, तो युवराज जैसे-तैसे कार की छत पर चढ़ गए। चारों ओर सन्नाटा और अंधेरा था, सिर्फ पानी की लहरें और मौत का डर।
युवराज ने कांपते हाथों से अपने पिता को फोन किया, अपनी लाइव लोकेशन शेयर की और रोते हुए कहा— "पापा, मैं मरना नहीं चाहता, प्लीज किसी को भेजो।" करीब डेढ़ घंटे तक वह युवक मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन कंक्रीट के उस जंगल में उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। जब तक बचाव दल पहुँचा, युवराज पानी की गहराई में समा चुके थे।
edited by : Nrapendra Gupta