Biodata Maker

शिप्रा की कहानी : बचपन के शौक को दी नई उड़ान, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने सराहा हुनर

हिमा अग्रवाल
गुरुवार, 25 सितम्बर 2025 (14:10 IST)
पटना और मेरठ से जुड़ी शिप्रा शर्मा ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर जुनून और लगन हो तो कोई भी सपना उम्र, जिम्मेदारियों या हालात का मोहताज नहीं होता। परिवार की जिम्मेदारियों से थोड़ी राहत मिलने के बाद उन्होंने अपने बचपन के शौक को पहचान में बदल डाला और आज उनकी कलाकृतियां न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी सराही जा रही हैं। उनकी कला की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहले ही सराहना कर चुकी हैं और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 का शुभारंभ करते हुए उनके स्टाल श्रुतकीर्ति आर्ट्स पर पहुंचे।

मेरठ की शिप्रा शर्मा की खुशी का ठिकाना उस समय नहीं रहा, जब प्रधानमंत्री मोदी ने शिप्रा से संवाद करते हुए प्रशंसा की, यह क्षण शिप्रा को भावुक कर देने वाला था, क्योंकि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री से आमने-सामने होकर बात कर पाएंगी, अब वह बेहद उत्साहित हैं।
 
शिप्रा बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही बेकार चीजों को नया रूप देने का शौक था। कभी पुराने जार को वॉश बेसिन बना देतीं, तो कभी रॉक स्टोन को पेंट कर सुंदर पेपर वेट में बदल देतीं। दोस्तों को जन्मदिन पर हाथ से बनी पेंटिंग्स गिफ्ट करतीं और खूब तारीफें पाती थीं, लेकिन पढ़ाई और फिर शादी के बाद वह शौक पीछे छूट गया था। 
शादी के बाद वह मेरठ शिफ्ट हो गईं और दो बेटियों की परवरिश में लगभग 15 साल कब बीत गए, पता ही नहीं चला। लेकिन जब बेटियां बड़ी हुईं, तो शिप्रा ने अपने पति से घर की ऊपरी मंजिल पर स्टूडियो खोलने की इच्छा जताई। पति ने न केवल उन्हें प्रोत्साहित किया, बल्कि ज़रूरी सामान के लिए आर्थिक मदद भी की। 
 
कलाप्रेमी होने के नाते दिल में कुछ कर गुजरने की टीस हिलोरें ले रही थी, वहीं विलुप्त हो रही पारंपरिक लिप्पन, मंडाला और वर्ली जैसी कलाओं को जीवनदान देने के लिए फिर से उठ खड़ी हुई शिप्रा। इसी के साथ कपड़ों पर मधुबनी और पिचवाई कला को उकेरते हुए बैग बनाए और सरकार के प्लास्टिक मुक्त अभियान का हिस्सा बनी हैं।
ALSO READ: UPITS 2025 : ओडीओपी प्रदर्शनी में उत्पादों के जरिए हर जिला बताएगा अपनी पहचान
छोटी-छोटी चीजें बनाकर जब उन्होंने दोस्तों और पड़ोसियों को दिखाई, तो उन्हें खूब सराहा गया। इससे उनका हौसला और बढ़ा। फिर उन्होंने वर्ली, लिप्पन और मंडाला जैसी शैलियों को मिलाकर फ्यूजन आर्ट तैयार करना शुरू किया। जब लगभग 100 डेकोर पीस तैयार हो गए, तो उन्होंने दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम जैसी जगहों पर एग्‍जीबिशन लगानी शुरू की।

लेकिन आज उन्हें एक बड़ी पहचान उस समय मिली है जब देश के प्रधानमंत्री उनके UPITS के तीसरे संस्करण में श्रुतकीर्ति आर्ट्स की प्रदर्शनी स्टॉल नं. H10-08/479 पर पहुंचे। शिप्रा का कहना है यह उनके लिए यह बड़ी उपलब्धि है जो कला और सामाजिक योगदान में मील का पत्थर बनेगी। 
 
शिप्रा मानती हैं कि पहचान वही बनाता है जो कुछ अलग करता है। वे हर किसी को सलाह देती हैं। निरंतर सीखते रहिए, खुद को अपडेट करते रहिए और अपने काम को सोशल मीडिया व नेटवर्किंग से प्रमोट करते हुए पहचान दें। ग्राहकों के फीडबैक को गंभीरता से लें, यही सफलता की कुंजी है। इसलिए आज भी वो चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से आर्ट एंड क्राफ्ट की विधिवत पढ़ाई भी कर रही हैं, ताकि अपने काम में और नयापन ला सकें।
ALSO READ: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी के एग्री 'कल्चर' के होंगे दर्शन
श्रुतकीर्ति आर्ट्स की शुरुआत उन्होंने पांच वर्ष पहले वेबसाइट बनाकर की, जिससे उनकी कलाकृतियों को देश-विदेश में जगह मिलने लगी। अब तक शिप्रा 500 से भी अधिक बालिकाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने की क्षमता प्रदान कर चुकी है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) जैसे सरकारी संस्थानों में भी श्रुतकीर्ति आर्ट्स द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है।
Edited By : Chetan Gour

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

मैं सोफी हूं... AI टीचर, मुझे बुलंदशहर के आदित्य ने बनाया है

दिल्ली विस्फोट, शाहीन के हॉस्टल रूम से मिले 18 लाख, टेरर फंडिंग का शक

कुत्‍तों के खिलाफ बर्बरता से देशभर में हजारों स्‍टूडेंट में आक्रोश

ब्राहमण बेटियों पर विवादित बयान देने वाले IAS संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई को लेकर नरोत्तम मिश्रा का अल्टीमेटम

अब यूपी में नहीं होती गुंडागर्दी, नहीं चलता माफियाराज : योगी

सभी देखें

नवीनतम

दिल्ली के संगम विहार इलाके में भीषण आग, 3 लोगों की मौत, कई घायल

SIR के काम में लगे BLO और सुपरवाइजर का मानदेय डबल हुआ, जानिए अब कितनी मिलेगी राशि

सीएम डॉ. मोहन यादव ने पेश की सादगी की मिसाल, बैलगाड़ी में बैठकर सगाई करने पहुंचे बेटे और होने वाली बहू

बिना चिंता कराएं इलाज, सरकार करेगी भरपूर आर्थिक मदद : योगी

अगला लेख