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यूपी की महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच बना मिशन शक्ति, आधी आबादी के लिए साबित हो रहा है संजीवनी

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Mission Shakti UP
Mission Shakti UP: उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर अब कोई आधा-अधूरा तंत्र स्वीकार्य नहीं होगा। इसी संकल्प के साथ प्रदेश के सभी जनपदों में मिशन शक्ति अभियान फेज–5.0 को पूरी सख्ती और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि मिशन शक्ति अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि हर थाने पर महिलाओं के लिए दिखाई देने वाला भरोसे का केंद्र होना चाहिए। पीड़ित महिलाओं को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
 
इन्हीं निर्देशों के क्रम में मेरठ मंडल और बरेली रेंज में मिशन शक्ति फेज–5 का आक्रामक और प्रभावी मॉडल पूरी क्षमता के साथ ज़मीनी स्तर पर नजर आ रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

जनजागरूकता पर विशेष जोर

समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए यूपी पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, मंदिरों, अस्पतालों और चौपालों पर नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। 
  • यूपी-112
  • वूमेन पावर लाइन-1090
  • चाइल्ड हेल्पलाइन-1098
  • साइबर क्राइम हेल्पलाइन-1930
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076
  • एंबुलेंस सेवा-102 व 108

महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति केंद्र

प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित है, जहां महिला पुलिसकर्मी पीड़िताओं की समस्याएं संवेदनशीलता के साथ सुनकर उन्हें रजिस्टर में दर्ज करती हैं। मिशन शक्ति केंद्रों को अब केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें संवाद, प्री-एफआईआर काउंसलिंग, कानूनी सहायता, मेडिकल रेफरल और पोस्ट-ट्रॉमा केयर का साझा मंच बनाया गया है।
 
फेज–5 में इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान एफआईआर दर्ज होने से पहले ही संभव हो सके। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से समन्वय कर निःशुल्क कानूनी सहायता तथा सरकारी व निजी अस्पतालों से तालमेल कर इलाज की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। सुनसान रास्तों या आपात स्थिति में हेल्प डेस्क पर एक फोन कॉल पीड़िता के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जिससे कई महिलाओं को नया और सुरक्षित जीवन मिला है।

एंटी-रोमियो टीम और शक्ति दीदी की सक्रिय भूमिका

जनपद मेरठ सहित सभी थानों की एंटी-रोमियो टीम, शक्ति दीदी और महिला बीट पुलिस अधिकारियों द्वारा व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। छात्राओं और महिलाओं को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं—बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट सखी के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
 
साथ ही छात्राओं को गुड टच-बैड टच, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, POCSO Act, बाल श्रम और साइबर अपराध से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी जा रही है।

संवेदनशील पुलिसिंग का मॉडल

मिशन शक्ति अभियान से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि पीड़िता से बातचीत के शुरुआती 10 मिनट उसकी पूरी ज़िंदगी की दिशा बदल सकते हैं। बिना किसी पूर्वाग्रह के बात सुनना, सम्मान और सहानुभूति दिखाना पीड़िता के लिए बड़ी राहत बनता है। गंभीर मामलों में पीड़िता की सहमति से गोपनीय मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की भी प्रभावी व्यवस्था की जा रही है।
 
महिला बीट पुलिस और मिशन शक्ति केंद्रों की फील्ड मूवमेंट को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा स्कूटी भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे समय पर मौके पर पहुँचकर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

छात्राओं और महिलाओं में बढ़ा भरोसा

स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, पार्कों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मिशन शक्ति और एंटी-रोमियो टीम द्वारा लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है। महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों और आपात स्थिति में सहायता के तरीकों की जानकारी मिलने से छात्राएं और महिलाएं स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं और यूपी पुलिस व राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना कर रही हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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