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आदर्श है UP विजन डॉक्यूमेंट, अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में बोले हरिवंश

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

लखनऊ , बुधवार, 21 जनवरी 2026 (20:36 IST)
देशभर की विधायी संस्थाओं के अनुभव, संवाद और संकल्प का केंद्र बने 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का समापन लखनऊ में गरिमामय वातावरण में हुआ। समापन समारोह में लोकतंत्र की मजबूती, जनहित की सर्वोच्चता और बदले हुए उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक पहचान प्रमुख रूप से उभरकर सामने आई। इस अवसर पर राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने उत्तर प्रदेश के विजन 2047 डॉक्यूमेंट की जमकर तारीफ की और इसे सबके लिए प्रेरणादायी बताया। यूपी विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्याग, अनुशासन और जनता के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से बदलते उत्तर प्रदेश और सशक्त प्रशासन की स्पष्ट छाप देश के सामने रखी है।
 
86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने इसे एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में देशभर से आए पीठासीन अधिकारियों, विधान सभाओं और लोकसभा के पदाधिकारियों के अनुभवों एवं उनके द्वारा अपनाए गए नवाचारों से हम सभी को सीखने का अवसर मिला है, जो भविष्य में देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने में मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। चाहे विधानमंडल हो या सरकार, हम सभी का उद्देश्य संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से देश के विकास में योगदान देना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश सरकार ने लगातार गहन विचार-विमर्श के बाद विकसित उत्तर प्रदेश-2047 का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया, वो हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। ये विजन डॉक्यूमेंट, लोकतांत्रिक संवाद और सहभागिता के माध्यम से विकास की रूपरेखा तय करने का उत्कृष्ट उदाहरण है। राज्यसभा के उपसभापति ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा अध्यक्षों के विधानसभा की कार्यवाही में विधायकों की उपस्थिति बढ़ाने और सोशल मीडिया के प्रयोग से सदन की कार्यवाही को आमजन तक पहुंचाने की पहल को अनुकरणीय बताया। साथ ही उन्होंने देश भर से आए विधानसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के साझा किए अनुभवों और नवाचार पहलों को देश में संसदीय और विधायी कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शक बताया।
अपने संबोधन में प्रदेश विभानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन से सभी को संबल और दिशा मिलती है। श्री महाना ने विभिन्न राज्यों से आए पीठासीन अधिकारियों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ है। यहां जनता के बीच से चुनकर आया प्रतिनिधि होता है। जनहित की बात करना, प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाना और जनता की अपेक्षाओं को सरकार तक पहुंचाना विधायिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
 
यहां का प्रशासनिक मॉडल और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुभव अपने राज्य में साझा करें
सतीश महाना ने कहा कि सम्मेलन के दौरान पीठासीन अधिकारियों की ओर से कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। विगत वर्षों में सरकार ने प्रभावी ढंग से कार्य किया है। भले ही सभी का एजेंडा अलग-अलग हो, लेकिन लक्ष्य एक ही है जनहित और विकास। आप सभी के आगमन से उत्तर प्रदेश का स्वरूप पूरे देश में जाएगा। यहां की कार्यसंस्कृति, प्रशासनिक मॉडल और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुभव आप सभी अपने-अपने प्रदेशों में साझा करें।

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