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योगी सरकार की योजनाओं ने दूर की आर्थिक तंगी, 'आत्मनिर्भरता' की नई मिसाल बनीं गीता देवी

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Yogi Government's Schemes Alleviate Financial Hardship
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में जुड़कर बागपत की गीता देवी ने लिखा सफलता का नया अध्याय
- स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व का भी मिला अवसर
- अब प्रति माह हो रही 40 से 45 हजार के बीच कमाई
- गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी बनीं प्रेरणास्रोत 
Uttar Pradesh News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं का लाभ उठाकर बागपत जनपद के छपरौली ब्लॉक के लुहारा गांव की रहने वाली गीता देवी ने आर्थिक तंगी से बाहर निकलकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। 
 
एक समय सीमित आय और आर्थिक तंगी जैसी कठिन परिस्थितियों से जूझ रही गीता देवी आज न केवल अपने परिवार को सशक्त बना चुकी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़कर उन्होंने अपने जीवन की दिशा बदली और आज पूरे गांव में एक आत्मनिर्भर व आर्थिक रूप से सशक्त महिला के रूप में पहचानी जाती हैं।

स्वयं सहायता समूह से मिली नई दिशा

वर्ष 2018 में कृष्णा स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद गीता देवी के जीवन में निर्णायक बदलाव आया। समूह की अध्यक्ष बनने के साथ ही उन्हें नेतृत्व का अवसर मिला और आर्थिक सशक्तिकरण की राह खुली। वर्तमान में वह 11 समूहों की महिलाओं का नेतृत्व कर रही हैं। योगी सरकार सें उनके समूह को रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सहायता प्राप्त हुई।

इस सहयोग के माध्यम से उन्होंने 25,000 रुपए का ऋण लेकर ‘विद्युत सखी’ के रूप में प्रशिक्षण हासिल किया और घर-घर बिजली बिल संग्रह का कार्य शुरू किया। इतना ही नहीं, ‘बीसी सखी’ के रूप में चयनित होकर उन्होंने अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत भी विकसित किए। उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता ने उन्हें गांव में एक आर्थिक रूप से सशक्त महिला के रूप में स्थापित कर दिया है।

योजनाओं से सशक्त होती महिला शक्ति

यह योगी सरकार की कुशल नीतियों का ही परिणाम है कि आज गीता देवी ‘विद्युत सखी’ के रूप में कार्य करते हुए प्रति माह 40,000 रुपए से 45,000 रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं, जो पहले लगभग 15,000 रुपए थी। उन्होंने लगभग 2 करोड़ रुपए के बिजली बिल का संग्रह कर 2 लाख रुपए का कमीशन प्राप्त किया है और जिले की शीर्ष विद्युत सखियों में अपना स्थान बनाया है। वहीं, वर्ष 2023 में “लखपति दीदी” योजना के अंतर्गत दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उनकी भागीदारी उनकी उपलब्धियों का महत्वपूर्ण प्रमाण है।

3500 महिलाएं संगठित रूप से कर रहीं कार्य

छपरौली ब्लॉक के लुहारा गांव में गीता देवी के उदाहरण से प्रभावित होकर अब 3500 महिलाएं एक साथ संगठित होकर कार्य कर रही हैं। गीता देवी स्वयं भी अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह यात्रा दर्शाती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित योजनाएं न केवल रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं, बल्कि महिलाओं को सम्मान, आत्मविश्वास और सशक्त भविष्य की दिशा भी दे रही हैं।
Edited By : Chetan Gour

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