Publish Date: Thu, 07 May 2026 (17:49 IST)
Updated Date: Thu, 07 May 2026 (17:57 IST)
वास्तु शास्त्र में दक्षिण (South) दिशा को 'यम' (मृत्यु के देवता) और 'मंगल' (ऊर्जा और साहस के ग्रह) की दिशा माना जाता है। यह दिशा स्थिरता, प्रसिद्धि और धन के संचय का प्रतीक है। इस दिशा का भारी होना घर की सुख-शांति के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। यहाँ उन चीजों की सूची दी गई है जिन्हें दक्षिण दिशा में रखना अत्यंत शुभ और वास्तु सम्मत माना जाता है।
1. भारी सामान और फर्नीचर
दक्षिण दिशा को हमेशा भारी और ऊंचा रखना चाहिए।
घर के भारी अलमारी, सोफा सेट, लोहे की तिजोरी या लकड़ी के भारी कैबिनेट यहाँ रखना सबसे अच्छा होता है।
यदि इस दिशा में दीवार ऊंची और मोटी हो, तो यह घर के मुखिया की उन्नति में सहायक होती है।
2. धन की तिजोरी (कैश लॉकर)
वास्तु के अनुसार, आप अपनी अलमारी या तिजोरी दक्षिण दिशा में इस तरह रख सकते हैं कि उसका मुँह उत्तर (North) की ओर खुले। उत्तर दिशा कुबेर की दिशा है, इसलिए दक्षिण में रखी तिजोरी जब उत्तर की ओर खुलती है, तो धन में बरकत बनी रहती है।
3. बिजली के उपकरण (Electrical Items)
चूँकि दक्षिण दिशा का तत्व अग्नि है, इसलिए यहाँ बिजली से जुड़ा सामान रखना शुभ होता है।
इनवर्टर, जेनरेटर या बड़े बिजली के पैनल इस दिशा में रखे जा सकते हैं।
4. शयनकक्ष (Master Bedroom)
घर के मुखिया का कमरा (Master Bedroom) दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) में होना सबसे उत्तम है। यह मानसिक शांति और परिवार में अधिकार बनाए रखने में मदद करता है। सोते समय सिर दक्षिण की ओर होना चाहिए।
5. ऊंचे पेड़ और गमले
यदि घर के बाहर दक्षिण दिशा में जगह है, तो यहाँ ऊंचे और घने पेड़ लगाना शुभ होता है। यदि आप घर के अंदर पौधे रखना चाहते हैं, तो भारी गमलों में बड़े पत्ते वाले पौधे यहाँ रखे जा सकते हैं।
क्या न रखें (सावधानियां):
पानी का स्रोत: यहाँ कभी भी बोरिंग, नल, जल कुंड, घड़ा या एक्वेरियम (मछली घर) न रखें। पानी और अग्नि का मेल वास्तु दोष पैदा करता है।
शौचालय या गंदगी: इस दिशा में गंदगी या कूड़ा-कदान रखने से मान-सम्मान में कमी आती है।
खुलापन: दक्षिण दिशा में बड़े खिड़की-दरवाजे रखने से बचना चाहिए। यदि हैं, तो उन पर भारी पर्दे डालकर रखें।
पूजा घर: भगवान का मंदिर कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए।
संक्षेप में: दक्षिण दिशा को जितना भारी, बंद और ऊंचा रखेंगे, घर में उतनी ही स्थिरता और समृद्धि बनी रहेगी।
तुलसी का पौधा: तुलसी का पौधा एक पवित्र पौधा है। इसे ईशान, वायव्य या उत्तर की दिशा में ही रखना चाहिए।
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