क्या विशेषता है अष्टमी के श्राद्ध की
श्राद्ध पक्ष की अष्टमी तिथि बहुत महत्व रखती है। जानें किनका करें इस दिन श्राद्ध-
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श्राद्ध पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी और भैरव अष्टमी भी कहते हैं।
अष्टमी को जिनका देहांत हुआ है उनका श्राद्ध इस दिन करना चाहिए।
यदि निधन पूर्णिमा तिथि को हुआ हो तो उनका श्राद्ध भी अष्टमी, द्वादशी या पितृ अमावस्या को किया जा सकता है।
जो अष्टमी को श्राद्ध करता है वह सम्पूर्ण समृद्धियां प्राप्त करता है।
अष्टमी को गजलक्ष्मी का व्रत भी रखा जाता है जो कि दिवाली की लक्ष्मी पूजा के समान महत्वपूर्ण है।
अष्टमी के श्राद्ध पर सोने की खरीदारी की जा सकती है।
अष्टमी के श्राद्ध के दिन विधिवत श्राद्ध करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
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