महालक्ष्मी व्रत पर कैसे करें हाथी का पूजन?

श्राद्ध पक्ष की अष्टमी को लक्ष्मी जी के पूजन का विधान है...इस दिन मिट्टी या चांदी के हाथी पूजन का महत्व है...

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श्राद्ध पक्ष की अष्टमी पर महालक्ष्मी जी के गजलक्ष्मी रूप का पूजन किया जाता है...

इस दिन खरीदा सोना आठ गुना बढ़ता है। ऐसा माना जाता है।

शादी की खरीदी की शुरुआत के लिए यह दिन शुभ माना गया है।

इस दिन हाथी पर सवार मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

शाम के समय घर के मंदिर में एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।

उस पर अष्टदल बनाकर चावल रखें और फिर जल कलश रखें।

कलश के पास कमल बनाकर माता लक्ष्मी की मूर्ति रखें।

मिट्टी का हाथी लाकर या घर में बना कर आभूषणों से सजाएं।

चांदी या सोने का हाथी भी ला सकते हैं।

स्वर्ण से अधिक चांदी के हाथी का कई गुना महत्व है। अत: चांदी का हाथी खरीदें।

माता लक्ष्मी की मूर्ति के सामने श्रीयंत्र, सोने-चांदी के सिक्के, मिठाई, फल रखें। कमल के फूल से पूजन करें।

माता लक्ष्मी के आठ रूपों की कुंकुम, अक्षत और फूल चढ़ाते हुए पूजा करें।

8 प्रकार के नैवेद्य या भोग लगाएं।

अंत में महालक्ष्मी जी की घी के दीप से आरती करें।

गजलक्ष्मी व्रत पूजन की सरल विधि

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